बड़े माता मंदिर में राम दरबार विराजित, दो लोग ही करेंगे आरती


25 मार्च से चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष शुरू हाे गया। काेरोना वायरस संक्रमण के चलते लाेगाें ने घराें पर रही रहकर…

25 मार्च से चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष शुरू हाे गया। काेरोना वायरस संक्रमण के चलते लाेगाें ने घराें पर रही रहकर मां दुर्गा की पूजा अाैर पाठ किए। शहर सहित जिले के सभी मंदिरों में ताले लटके रहे। यहां पर पुजारी ने ही जाकर पूजा-अर्चना की। हिंदू नववर्ष के मैसेज लाेगाें ने एक-दूसरे को सोशल मीडिया और कॉल करके दी। नववर्ष पर महाराष्ट्रीयन परिवार द्वारा इस बार सामूहिक पूजन नहीं किया। गंज के विजयासनी मंदिर में भी ताले नहीं खेलो गए। पं. दीपक शर्मा ने बताया इस बार तीन माह बाद गुप्त नवरात्र मनाया जाएगा। उधर अर्जुननगर के बड़ माता मंदिर में सादगी से मां दुर्गा के साथ राम दरबार की स्थापना की। यहां दो लोग ही प्रतिदिन आरती करेंगे।

तीन माह बाद अाने वाला गुप्त नवरात्र बनाएंगे कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मंदिरों में पूजन के दौरान भीड़ ना बढ़े, इसीलिए मंदिरों को पूरी तरह बंद रखा गया है। गंज के विजयासन माता मंदिर में घट स्थापना नहीं की गई और ना ही मंदिर के पट खोले गए। पं. दीपक शर्मा के मुताबिक मंदिर में कोई कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया। उन्होंने बताया इस बार तीन माह बाद आने वाले गुप्त नवरात्र मनाए जाएंगे। गुप्त नवरात्र पर भंडारा सहित अन्य कार्यक्रम किए जाएंगे।

बड़ माता मंदिर में 2 लोग ही करेंगे आरती अर्जुननगर के बड़ माता मंदिर में हर साल नवरात्र पर देवी दुर्गा की स्थापना धूमधाम से होती थी। इस साल मंदिर समिति के सदस्यों ने सादगी के माता दुर्गा के साथ रामदरबार की स्थापना की। समिति के लल्ला ठाकुर ने बताया प्रशासन की अनुमति से देवी प्रतिमा को मंदिर में लाया गया। इस बार लॉकडाउन के कारण प्रतिदिन दो लोग मिलकर आरती करेंगे।

बैतूल। अर्जुन नगर में विराजी प्रतिमा। दूसरी फोटो में गंज के विजासनी मंदिर में पट रहे बंद।

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