विदेश से लौटे 74 नए कोरोना संदिग्ध सूचीबद्घ, 132 होम आइसोलेशन में

जबलपुर।

विदेश यात्रा कर जबलपुर लौटे 74 ऐसे लोगों का पता चला है जो अब तक स्वास्थ्य विभाग की नजर में नहीं आए थे। सभी को सूचीबद्घ करते हुए विभाग का अमला उनके घर पहुंचने का प्रयास कर रहा है ताकि, शारीरिक लक्षण के आधार पर निर्णय लिया जा सके कि उन्हें होम अथवा हॉस्पिटल में आइसोलेट किया जाए। इस प्रकार जिले में कोरोना वायरस संदिग्धों की संख्या 256 पहुंच गई है। बुधवार को विक्टोरिया अस्पताल में 4, सुखसागर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 10 संदिग्ध तथा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 6 कोरोना संक्रमित मरीज आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रहे। 132 संदिग्धों का होम आइसोलेशन जारी है तथा पहले से होम आइसोलेशन में रखे गए 49 कोरोना वायरस संदिग्ध खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। इधर, मंगलवार को प्रशासन तक सूचना पहुंची कि विदेश यात्रा कर मुंबई तक पहुंचे शहर के 6 नागरिक वहां लॉकडाउन होने के कारण जबलपुर नहीं आ पा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मिश्रा ने कहा कि कोरोना वायरस से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस से संक्रमित 6 मरीजों की हालत सामान्य बनी है। मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किए गए एक अन्य संदिग्ध की रिपोर्ट बुधवार को नेगेटिव आई, लेकिन एहतियात के तौर पर उसे कुछ दिन और आइसोलेशन वार्ड में रखने का निर्णय लिया गया है। सीएमएचओ डॉ. मिश्रा ने कहा कि पिछले 48 घंटे में एक भी रिपार्ट पॉजिटिव नहीं आई है।

राहत-48 घंटे में एक भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं :

इधर, जबलपुर में पिछले 48 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमित एक भी मामला सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि जिले के नागरिक यदि घरों से बाहर न निकलें, लोगों के संपर्क में न आएं तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिश्रा का कहना है कि होम आइसोलेशन में रखे गए कोरोना संदिग्धों से विभाग का अमला दूरभाष पर संपर्क बनाए रखने के साथ आवश्यक होने पर उनके घर भी पहुंचता है। फिलहाल किसी में कोरोना से संबंधित शारीरिक लक्षण नहीं मिले हैं। उन्हें घर पर ही स्वजन से दूरी बनाकर रहने की सलाह दी गई है।

दिन भर नहीं पड़ी ऑक्सीजन की जरूरत, दो खतरे में :

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन डॉ. प्रदीप कसार ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना वायरस संक्रमित 6 मरीजों की हालत को लेकर फिलहाल कोई गंभीर स्थिति नहीं है। आभूषण विक्रेता को बुधवार को दिनभर ऑक्सीजन के बगैर रखा गया, लेकिन शाम को 1 लीटर प्रति घंटे ऑक्सीजन पर रखना पड़ा। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा से मेडिकल में भर्ती कराए गए एक अन्य संदिग्ध की निमोनिया की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मंगलवार रात उसे छुट्टी दे दी गई थी।

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डॉक्टर की सलाह, जब कुछ हो जाए तब आना अस्पताल-

इधर, बुधवार को विक्टोरिया अस्पताल के प्रवेश द्वार पर कुछ युवकों ने हंगामे जैसी स्थिति निर्मित की। उनका कहना था कि देश के अन्य शहरों व विदेश से लौटकर घर जाने से पूर्व वे स्वेच्छा से अस्पताल में शारीरिक परीक्षण कराने पहुंचे ताकि पूरी तरह आश्वस्त हो सकें कि उनके कारण स्वजन अथवा अन्य लोगों को कोई खतरा नहीं है। एक युवक ने बताया कि वह विदेश यात्रा से लौटकर दिल्ली होते हुए किसी तरह जबलपुर आ पाया। घर जाने से पूर्व विक्टोरिया अस्पताल पहुंचा ताकि पता चल सके कि वह शहर के लिए खतरा तो नहीं है। विक्टोरिया प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी (डॉक्टर) ने यह बोलकर घर जाने की सलाह दी कि जब कुछ हो जाए तब अस्पताल आना।

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