Lockdown के बीच बंद हो सकती हैं अधिकतर बैंक ब्रांच, कैश विड्रॉल के लिए नई व्यवस्था पर विचार

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय बैंक (Reserve Bank) और सरकारी बैंकों के बीच इस बात पर विचार किया जा रहा है कि मौजूदा संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अधिकतर ब्रांच कर दिया जाए. बैंक इंटर-ऑपरेबेल सर्विसेज पर भी विचार किया जा रहा है.

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कई प्रमुख सरकारी बैंक (PSB’s) अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि लॉकडाउन (Lockdown in India) की इस स्थिति अपने कर्मचारियों को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए अधिकतर ब्रांचों को बंद किया जाए. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपने 4 सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है. 1.3 अरब की आबादी वाले भारत में अभी भी अधिकतर लोगों नकदी के भरोसे ही अपने रोजाना काम को चलाते हैं.



लॉकडाउन में भी खुले हैं बैंक

यही कारण था कि 21 दिनों के लिए लॉकडाउन के फैसले में बैंकों को इससे छूट दी गई थी. बैंक सेवाओं को जरूरी बताते हुए इन्हें खुले रखने को कहा गया था. हालांकि, सरकार ने बैंकों में गैर-जरूरी सेवाओं (Non-Essential Services) को अस्थायी रूप से बंद करते हुए कर्मचारियों की संख्या में कम रखने की बात कही थी.

क्या है प्लान
अब इस प्लान के तहत, संभव है कि हर 5 किलोमीटर पर केवल एक ही बैंक ब्रांच खोलने को फैसला लिया जाए. सूत्रों ने कहा कि यह फैसला प्रमुख शहरों के लिए होगा लेकिन अभी तक इस बारे में कोई भी जानकारी पब्लिक में नहीं गई है.

ग्रामीण इलाकों में, बैंकों ब्रांच हर 1 दिन के गैप पर खुलेंगे, जहां स्टाफ वेलफेयर स्कीम्स के तहत मिलने वाले रकम की निकासी करने में लोगों की मदद करेंगे. बता दें कि करीब 70 फीसदी लोग गांवों में रहते हैं और ये कैश पर ही अधिक निर्भर रहते हैं.

ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता
एक सरकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया, ‘आम आइडिया ये है कि ग्रामीण इलाकों में बैंक ब्रांच का संचालन खुला रखा जाए ताकि जो लोग डिजिटल लेनदेन (Digital Transaction) करने में सक्षम नहीं है, उन्हें केाई परेशानी न हो.’

अनौपचारिक तौर पर, इस मामले में सभी बैंक एक दूसरे से बातचीत कर रहे हैं. दरअसल, अब सरकार द्वारा बैंक ट्रांसफर के जरिए राहत देने के फैसले के बाद इन क्षेत्रों में बैंक विड्रॉल में इजाफा हो सकता है.

सरकार ने किया राहत पैकेज का ऐलान
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देशभर में लॉकडाउन के 36 घंटों के अदर 1.7 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया है. इनमें से कदम यह भी है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर का लाभ दिया जाएगा.

कुछ बैंक पहले से ही इस प्लान पर काम कर करना शुरू कर चुके हैं. हालांकि, अभी तौर पर यह साफ नहीं हो सका है कि इसे पूरी तरफ से लागू किया जाएगा या नहीं. अभी तक रिजर्व बैंक और इंडियन बैंक एसोसिएशन ने कोई जानकारी नहीं दी है.

इंटर-ऑपरेबेल सर्विसेज पर भी विचार
एक सूत्र द्वारा दी गई जानकरी के मुताबिक, करीब एक सप्ताह से इस प्लान पर विचार किया जा रहा है. बैंकों के बीच इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि इस दौरान इंटर-ऑपरेबेल सर्विसेज शुरू की जाए. इसका मतलब होगा कि किसी एक बैंक का ग्राहक किसी अन्य बैंक से भी निकासी कर सकता है. यह लेनदेन दोनों बैंकों के बीच ही सेटलमेंट कर दिया जाएगा.

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