मालगाड़ी चलाने वाले लोको पायलट का अब नहीं होगा ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट

जबलपुर।

मालगाडियों का संचालन करने वाले लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट और गार्ड को रेलवे ने बड़ी राहत दी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को आदेश जारी कर इनका ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट करने से मना कर दिया है। दरअसल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ड्यूटी पर आने वाले ड्राइवर और गार्ड का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट को लेकर विरोध शुरू हो गया था, जिसके बाद बोर्ड से टेस्ट न कराने के आदेश जारी किया है। अब माल गाड़ियों में ड्यूटी करने वालों को बिना ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट के ही ड्यूटी पर जाने दिया जाएगा। वर्तमान में जबलपुर, कटनी समेत कई लॉबी में यह टेस्ट किया जा रहा है। जबकि अभी भी यहां 100 से ज्यादा ड्राइवर और गार्ड काम कर रहे हैं।

शराबी ड्राइवर-गार्ड पर रखी जाएगी नजरः

सूत्रों के मुताबिक ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट न होने के बाद शराबी ड्राइवर-गार्ड की पहचान करना रेलवे के लिए मुश्किल होगा। हालांकि इसके लिए भी रेलवे ने रास्ता निकाला है। इस दौरान ऐसे गार्ड और ड्राइवर को रिकॉर्ड तैयार कर रहा है, जो आदतन शराबी हैं। संभव होगा तो माल गाड़ियों के संचालन के लिए रेलवे इन्हें ड्यूटी पर नहीं बुलाएगा। वहीं लॉबी में लगे कैमरे और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की मदद से भी शराबी ड्राइवर-गार्ड की पहचान की जाएगी।

पाइप दिया, लेकिन नहीं बनी बात :

ड्यूटी पर आने वाले लोको पायलट, असि.लोको पायलट, गार्ड को लॉग इन करने से पहले इन्हें ब्रीथ एनालाइजर मशीन में फूंकना होता है, जिससे यह पता चला जाता है कि वह शराब पीए हैं या नहीं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से टेस्ट के दौरान हर व्यक्ति को 3 से 4 इंच का पाइप दिया जा रहा था, जिसकी मदद से उसे मशीन में फूंकना पड़ता है, लेकिन अब बोर्ड ने टेस्ट करने से ही मना कर दिया है। पमरे जोन के पास यह आदेश पहुंच गया है अब इसे मंडल स्तर पर जारी किया जा रहा है।

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