भोपाल / 31 दिसंबर को आया रिजल्ट, लेकिन अब तक नहीं की आयुष मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति

  • जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति को अधिकार डेलीगेट किए हैं
  • राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम आयुष मेडिकल ऑफिसर के 710 पदों पर नियुक्ति होना है

भोपाल.कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश ने सूचनापत्र जारी कर अस्थाई नियुक्ति करने करने को कहा है। इसके लिए जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति को अधिकार डेलीगेट किए हैं। लेकिन एनएचएम ने लंबे समय से बड़ी संख्या में भर्ती अटका रखी है। राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम आयुष मेडिकल ऑफिसर के 710 पदों पर नियुक्ति होना है। इसके लिए चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी योग्य पाए गए उम्मीदवारों को नियुक्ति नहीं दी गई। यदि इनकी समय रहते नियुक्ति दी जाती तो वर्तमान परिस्थितियों में आयुष मेडिकल ऑफिसर मददगार साबित हो सकते थे। उम्मीदवार परेशान इसलिए भी है कि उन्हें नियुक्ति नहीं दिए जाने का कारण भी नहीं बताया जा रहा है।


उनका कहना है कि भर्ती परीक्षा आयोजित कर नियुक्ति करना भूल गया। परीक्षा रिजल्ट भी 31 दिसंबर को आ चुका है। इससे नाराज उम्मीदवार एसोसिएशन ऑफ माॅर्डन आयुष डॉक्टर मध्यप्रदेश के बैनर तले एनएचएम कार्यालय में कई बार विरोध दर्ज करा चुके है। इनका आरोप है कि वे पिछले कई दिनों से नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में एनएचएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अधिकारी जानकारी नहीं देते हैं। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इसलिए एसोसिएशन ने लिखित में जानकारी मांगी है। इनकी मांग के लिए जल्द ही इन्हें नियुक्ति दी जाए।

मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद वेबसाइट से हटा दी
उम्मीदवार सवाल उठाया हे कि जब इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल उम्मीदवारों के रिजल्ट और मेरिट जारी हो चुकी है अभी तक चयनित आयुष मेडिकल ऑफिसर को नियुक्ति देने में इतनी देरी क्यों की जा रही है। इनका कहना है कि 2 जनवरी को मेरिट लिस्ट जारी की गई। इसके बाद इसे वेबसाइट से हटा दिया। इसका भी कारण नहीं बताया जा रहा है।

सीएम को लिखा पत्र कहा- हम इस महामारी से लड़ने को तैयार
इसके लिए एसोसिएशन ऑफ माॅर्डन आयुष डॉक्टर्स मध्यप्रदेश ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को ज्ञापन भी भेजा है। इसमें आयुष चिकित्सा अधिकारी के संविदा पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों को कोरोना वायरस के उपचार करने अधिकृत कर तत्काल प्रभाव से नियुक्तियां दी जाएं। सभी चयनित उम्मीदवार इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार हैं। इसलिए एसोसिएशन ने इस संबंध में मंजूरी देने की मांग की है।

चयनित लोगों को जल्द मिले नियुक्ति
डॉ. योगेश तारण के मुताबिक, मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद पोस्टिंग न देना फिर सारी जानकारी हटाना, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं देना अत्यंत निराशाजनक है। जब प्रदेश में डॉक्टर्स की कमी है और कोराेना महामारी से चयनित आयुष मेडिकल ऑफिसर अपनी हर संभव सेवाएं देने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। इतने दिन तक नियुक्तियां नहीं देना कहीं न कहीं विभाग की कमजोरी को दर्शाता है। चयनित उम्मीदवारों को तुरंत नियुक्ति दी जानी चाहिए।

दे सकते हैं अस्थाई सेवाएं
स्वाति मीणा नायक, एमडी एनएचएम मप्र के मुताबिक, अभी आरक्षण मामले में हाईकोर्ट में प्रकरण विचाराधीन है। इसलिए नियुक्तियां रोकी गई हैं। इस मामले में लीगल ओपीनियन भी लिया जा रहा है। लेकिन वर्तमान में हमारी पहली प्राथमिकता इस समय कोविड-19 की रोकथाम करना है। इसलिए हमने इन सभी उम्मीदवारों को मैसेज भी पहुंचाएं हैं कि वे फिलहाल अस्थाई रूप से तीन महीने के लिए अपनी सेवाएं दें। इस दौरान रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर्स सेवाएं दे सकते हैं। इसके लिए सूचना भी जारी की गई है।

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