शहर काे सेनिटाइज करने 275 कर्मचारियाें की ड्यूटी, 3-3 पालियों में कर रहे काम

कोरोना वायरस से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड अाैर नगर निगम की वर्कशॉप के कर्मचारी तथा निगम अफसरों के वाहनों के…

कोरोना वायरस से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड अाैर नगर निगम की वर्कशॉप के कर्मचारी तथा निगम अफसरों के वाहनों के ड्राइवरों को भी सेनिटाइजेशन की ड्यूटी में लगा दिया गया है। पूरे शहर में सेनिटाइजेशन के लिए लगभग 275 कर्मचारियों को 8-8 घंटे की तीन पालियों में ड्यूटी पर लगाया गया है। अाठ दिन में शहर के सेनिटाइजेशन पर 500 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग किया गया है। कोरोना पॉजिटिव मिले मरीज के चेतकपुरी इलाके को दो बार सेनिटाइज किया जा चुका है। अस्पताल अाैर बस स्टैंड पर रात में भी सेनिटाइजेशन किया जा रहा है।

शहर को सेनिटाइज करने के लिए निगम वर्कशॉप के 40, फायर ब्रिगेड के 20 कर्मचारी, जेसीबी-डंपर के 55 ड्राइवर, फोगिंग करने वाले 50 कर्मचारी व निगम अफसरों के वाहनों पर लगे 25 ड्राइवरों को भी सेनिटाइजेशन के काम पर लगाया गया है। इसके अलावा सेनेट्री इंस्पेक्टर, एचअो व दो डिप्टी कमिश्नर पूरी टीम के साथ मैदान में हैं। अब तक 500 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग सेनिटाइजेशन के लिए किया गया है। एक लीटर पानी में 10 एमएल की माप से सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग किया जाता है।

कोरोना पॉजिटिव के इलाके की निगरानी

सेनिटाइजेशन करने वाले दल द्वारा कोरोना पॉजिटिव व संदिग्ध मरीजाें के क्षेत्रों में विशेष निगरानी बरती जा रही है। चेतकपुरी व उससे जुड़ी काॅलोनियों में शिकायत अाते ही सेनिटाइज टीम मौके पर पहुंचती है। चेतकपुरी में मरीज के अासपास के क्षेत्र काे दो बार सेनिटाइज किया गया। अन्य संदिग्ध मरीजों के क्षेत्र में भी सेनिटाइजेशन प्राथमिकता के अाधार पर किया जा रहा है। शहर के जयारोग्य चिकित्सालय व जिला अस्पताल सहित बस स्टैंड अाैर मंडियाें की लगातार निगरानी की जा रही है। यहां पर सेनिटाइजेशन किया जा रहा है।

केवल मास्क लगाकर सेनिटाइजेशन, ग्लब्स भी नहीं

सेनिटाइजेशन में लगा अमला पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कोरोना वायरस से लोगों को सुरक्षित कर रहे अमले में अधिकांश के पास ग्लब्स भी नहीं हैं। यह अमला केवल मुंह पर कपड़े का मास्क लगाकर कोरोना वायरस से जंग लड़ रहा है। सेनिटाइजेशन की प्रक्रिया में प्रेशर से सेनिटाइज किए जाने पर वायरस कर्मचारी के बालाें व कपड़ों पर अाने की अाशंका रहती है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.