645 गए, 1062 आए, वापसी वाले ज्यादा रिस्की, अब ये घर में नहीं रहे तो बनेंगे सरकारी मेहमान

प्रशासनिक अमला शनिवार दिनभर उन बाहरी लोगों को अपने-अपने घर रवानगी देने में लगा रहा जो किसी न किसी कारण से जावरा या…

प्रशासनिक अमला शनिवार दिनभर उन बाहरी लोगों को अपने-अपने घर रवानगी देने में लगा रहा जो किसी न किसी कारण से जावरा या ग्रामीण क्षेत्र में फंसे थे। अनुविभाग क्षेत्र से 645 लोगों को उनके घर भेजा। जावरा ब्लॉक में अब तक 1062 लोग हाई रिस्क वाले दूसरे प्रदेश व जिलों से आए हैं। इनमें से 302 शनिवार को आए और रविवार को तादाद बढ़ सकती है। प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि ये घर से बाहर निकलें तो इन्हें सरकारी आइसोलेशन केंद्र में 14 दिन रखेंगे।

तहसीलदार नित्यानंद पांडेय ने बताया जावरा से दूसरे जिले या राज्यों में लोगों को भेजने के लिए 2 बाइक, 27 चार पहिया वाहन तथा 9 बसों की व्यवस्था की। स्क्रीनिंग के बाद भेजा है। कंट्रोल रूम प्रभारी नायब तहसीलदार आनंद जायसवाल ने बताया शनिवार को 302 लोग बाहर से आए। साथ ही दूसरे जिलों व राज्यों से आने वालों का आंकड़ा 1062 हो गया। रविवार को आंकड़ा बढ़ेगा। चूंकि जावरा क्षेत्र में आने वाले ज्यादातर लोग गुजरात, राजस्थान व महाराष्ट्र से आए हैं, इसलिए सभी हाई रिस्क वाले हैं। इन्हें 14 दिन हर हालत घर में अलग रहना होगा, अन्यथा प्रशासन इन्हें सरकारी केंद्र में रखेगा। एसडीएम राहुल धोटे ने कहा हमने तो बाहर से आने वाले सभी लोगों के पड़ोसियों तक को सूचना दी है कि वे इनका ध्यान रखें और बाहर निकलते ही सूचना दें।

पुख्ता इंतजाम के लिए विधायक ने किया निरीक्षण : विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने शनिवार को गरीबों को बांटे जा रहे राशन-भोजन पैकेट व्यवस्था की समीक्षा की। एसडीएम कार्यालय जाकर बाहर जाने वाले लोगों की समस्या हल करवाई। पिपलौदा उप स्वास्थ केंद्र पहुंचकर आइसोलेशन व दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पिपलौदा पुलिस थाने पहुंचकर लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित करवाने तथा किसानों को खेती कार्य के लिए छुट देने के निर्देश दिए।

प्रशासन द्वारा लागू किराना की होम डिलीवरी व्यवस्था फेल, दूध के लिए यहां संपर्क करें

प्रशासन ने दो दिन पहले 15 किराना व्यापारियों के मोबाइल नंबर जारी करके होम डिलीवरी सेवा शुरू करने की जानकारी दी थी लेकिन यह व्यवस्था शनिवार शाम तक लागू नहीं हो सकी। समाजसेवी सुरेश मेहता ने बताया हमने दो-तीन किराना व्यापारी को फोन किए लेकिन उन्होंने कहा हमारे पास कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है, इसलिए ऑर्डर नहीं ले सकते। इस बीच एक दूध व्यवसायी वैभव चोपड़ा ने वॉट्सएप नंबर 7999866922 जारी करते हुए दूध की घर पहुंच सेवा शुरू करने की जानकारी दी है। आॅर्डर समय शाम 6 से 10 और सप्लाई समय सुबह 7 से 11 बजे रहेगा।

धैर्य रखें, क्योंकि समझदार के लिए इशारा काफी है..

सरकार ने तीन महीने के राशन, तीन महीने की ईएमआई, तीन महीने के गैस सिलेंडर और अब घर में ही रूकने के लिए मनोरंजन उद्देश्य से 87 एपिसोड वाले 90 दिन के रामायण, महाभारत सीरियल की व्यवस्था की है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर मैसेज चल रहे है कि समझदार के लिए इशारा ही काफी है। यानी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लॉकडाउन अवधी बढ़ भी सकती है।

आलोट से 3 बसें भरकर 150 लोगों को उनके घर भेजा

आलोट | आलोट नगर व ग्रामीण क्षेत्र में काम धंधा बंद होने से फंसे 150 लोगों को प्रशासन ने शनिवार को तीन बसों में बैठाकर उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इनमें कुछ लोग ऐसे हैं जो रिश्तेदारी में आए थे लेकिन यहीं फंस गए। एसडीएम चंदरसिंह सोलंकी ने बताया एक दिन पहले मुनादी करवा दी थी, इसलिए शनिवार सुबह सभी लोग बस स्टैंड पर जुटे। ज्यादातर मजदूर वर्ग के थे जिन्हें सैलाना, झाबुआ व रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में जाना था। बस स्टैंड पर कई समाजसेवी संस्थाओं ने भोजन-पानी की व्यवस्था की। कलेक्टर रुचिका चौहान व एसपी गौरव तिवारी ने बस स्टैंड पहुंचकर
व्यवस्था का जायजा लिया। कुछ लोग कोटा, राजस्थान व गुजरात के अन्य जिलों में जाने के लिए भी बस स्टैंड पहुंचे लेकिन वहां के लिए सीधे साधन नहीं मिले। वे मायूस हुए। प्रशासन ने समझाया कि अगले जिले से वहां का प्रशासन आगे भेजने की व्यवस्था करेगा, इसलिए परेशान नहीं हो। सीएमओ संजय चौधरी, नायब तहसीलदार कैलाश सोलंकी, निरीक्षक महेंद्र वाडि़या, असद खान समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने सेवाएं दी।

आवश्यक खरीदी की छूट का दुरुपयोग कर रहे लोग : प्रशासन ने आवश्यक खरीदी के लिए सुबह 7 से 11 बजे की जो छूट दे रखी है, उसका लोग दुरुपयोग कर रहे हैं। अनावश्यक बाजार में घूमने निकल रहे, लॉकडाउन बेअसर हो रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि लोग खुद को घराें में रोकें अन्यथा प्रशासन को सख्ती करना पड़ेगी।

इस तरह सैकड़ों लोग बस स्टैंड पर जुटे, जिन्हें सोशल डिस्टेंस में रखते हुए रवानगी दी।

सबके चेहरे पर घर जाने की खुशी

जावरा से ज्यादातर लोग इंदौर, भोपाल, सतना, शिवपुरी जिलों में गए। कुछ रतलाम-मंदसौर के थे तथा बाकी दूसरे राज्यों में भेजे सबके चेहरे पर घर जाने की खुशी थी और जैसे ही सूचना मिली कि प्रशासन इन्हें घर भेजने की व्यवस्था कर रहा है तो ये दौड़कर बस स्टैंड पहुंचे। यहां पहले बसों को सैनिटराइज्ड किया। फिर इन लोगों का चैकअप किया और फिर रवानगी दी।

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