बेटी से मुलाकात कर आस्ट्रेलिया से लौटे दंपति ने स्वयं को कर लिया होम क्वारंटाइन

जबलपुर।


बेटी से मुलाकात कर आस्ट्रेलिया से लौटे दंपति ने स्वयं को घर में कैद कर लिया। विदेश यात्रा से लौटने की खबर पाकर घर पहुंचे स्वास्थ्य अमले से दंपति ने कहा कि उन्होंने स्वयं को अलग-अलग कमरे में कैद कर दिया है और 28 दिन के बाद ही बाहर निकलेंगे। दंपति दिन में 2-3 बार स्वास्थ्य विभाग की टीम से मोबाइल पर वीडियो कॉलिंग कर अपनी सेहत की जानकारी देते हैं। स्क्रीनिंग में भी कोरोना वायरस के प्रमाण नहीं मिले हैं। दंपति ने घरेलू नौकरों को भी वैतनिक अवकाश पर भेज दिया और रोजमर्रा के घरेलू कामकाज स्वयं कर रहे हैं। दंपति जैसी जागरुकता मुंबई होते हुए विदेश से लौटे पंजाब बैंक कॉलोनी निवासी एक युवक ने भी दिखाई है। शहर लौटने के बाद खांसी की शिकायत सामने आई और युवक ने देर किए बगैर विक्टोरिया अस्पताल जाकर चिकित्सकीय परामर्श लिया। सामान्य सर्दी खांसी की जानकारी देकर चिकित्सक ने युवक को 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाइन की सलाह दी। युवक बीते 20 दिन से घर से बाहर नहीं निकला है। उसका कहना है कि जब तक कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा टल नहीं जाता वह घर में ही रहेगा, भले ही सिर्फ नमक-रोटी खाकर जीना पड़े। दरअसल, होम क्वारेंटाइन में रखे गए सैकड़ों लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें नजर रख रही हैं। आरबीएसके के करीब 200 कर्मचारियों व चिकित्सकों को इस कार्य में लगाया गया है।

स्वयं बंद कर दिया कार्यालय जाना-


विजय नगर क्षेत्र निवासी एक अन्य दंपति बैंक में कार्यरत हैं। वे हाल ही थाईलैंड की यात्रा कर लौटे। स्वदेश वापसी के बाद दंपति बैंक पहुंचे और कोरोना वायरस के खतरे से अधिकारियों को अवगत कराते हुए अगले 14 दिन के लिए अवकाश ले लिया। अधिकारियों ने कहा कि उनमें कोरोना के कोई भी लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन दंपति ने कहा कि वे सिर्फ संभावना के आधार पर स्वयं व सहकर्मियों को खतरे में नहीं डाल सकते। बैंक से अवकाश लेकर घर पहुंचे दंपति ने घरेलू नौकरों को एक माह के लिए छृुटटी पर भेज दिया और खुद के घर के बाहर ताला लगवाकर कमरे में आइसोलेट हो गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम से कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को थाईलैंड में अपनी आंखों से देखा है इसलिए शहर वासियों को खतरा टलने तक घरों में कैद हो जाना चाहिए।

कोविड-19 को पोस्टर लगा रहे ताकि लोग सतर्क रहें-


आरबीएसके में कार्यरत डॉ. पम्मी भदौरिया दुबे ने बताया कि विभाग के निर्देशानुसार ऐसे प्रत्येक लोगों पर नजर रखी जा रही है जो विदेश अथवा देश के अन्य शहरों से लौटे हैं। ऐसे लोगों के घर जाकर उनकी यात्रा का ब्यौरा पूछा जाता है। उन्होंने किन देशों अथवा भारत के शहरों की यात्रा की। किस साधन से घर तक लौटे और वापसी के बाद किन-किन लोगों से मुलाकात की। जिन लोगों से मुलाकात की जानकारी मिलती है टीम उनके घर भी दस्तक दे रही है। सभी की स्क्रीनिंग कर कोरोना वायरस से संबंधित केस हिस्ट्री का पता लगाया जाता है। ऐसे सभी लोगों को 28 दिन के लिए होम क्वारेंटाइन में रखा जा रहा है।

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