कोरोना वायरस : समुद्र में फंसे 30 वैज्ञानिक लॉकडाउन खत्म होने पर ही आएंगे वापस

NIOT के डायरेक्टर एमए आत्मानंद ने कहा, “समुद्र (Sea) में रहना, जमीन पर आने के मुकाबले (कोरोना वायरस के प्रसार के चलते) ज्यादा सुरक्षित है. हमने अपने सभी चार जहाजों (Vessels) को 14 अप्रैल के करीब वापस आने के निर्देश दिए हैं.”

नई दिल्ली. करीब 100 क्रू मेंबर, जिसमें 30 वैज्ञानिक (Scientists) भी शामिल हैं, ने तय किया है कि वे तब तक अपने समुद्री रिसर्च जहाज (Sea Research Vessels) पर ही रहेंगे, जब तक देश में 21 दिनों का लॉकडाउन (Lockdown) खत्म नहीं हो जाता. वे चेन्नई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशियन टेक्नोलॉजी (NIOT) के चार जहाजों पर सवार हैं, जो कि करीब 3 हफ्ते पहले समुद्र के धरातल के अध्ययन के लिए निकले थे. इसके जरिए उनकी कोशिश सैंपल्स के अध्ययन के जरिए पूर्वी और पश्चिमी तटों के लिए सुनामी का वॉर्निंग सिस्टम (Tsunami Warning System) लगाना था.



NIOT के डायरेक्टर एमए आत्मानंद कहते हैं कि सागर निधि, सागर मंजूषा, सागर अन्वेषिका और सागर तारा पर मौजूद वैज्ञानिक (Scientists) अलग-अलग तरह का डेटा जुटा रहे हैं. उन्होंने कहा, “वहां पर रहना, जमीन पर आने के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है. हमने अपने सभी चार जहाजों (Vessels) को 14 अप्रैल के करीब वापस आने के निर्देश दिए हैं.”


जहाज पर मौजूद 2 अमेरिकी वैज्ञानिक नहीं लौट सकते इसलिए यहीं जारी रखेंगे रिसर्च
एक जहाज पर दो अमेरिकी वैज्ञानिक हैं, जो कि अपने रिसर्च को यहीं जारी रखेंगे क्योंकि फिलहाल फ्लाइट्स रद्द (Cancelled Flights) होने के चलते वे अपने देश नहीं लौट सकते.

सागर निधि के मंगलवार को गोवा (Goa) के तट पर पहुंचने की आशा थी और अन्य तीन जहाजों को गुरुवार को लौटना था. सागर निधि, जिस पर 25 वैज्ञानिक हैं, ने अरब सागर में सुनामी की चेतावनी का सिस्टम (Tsunami Warning System) लगा दिया है. NIOT के वेसल मैनेजमेंट सेल के प्रमुख डी राजाशेखर ने बताया, “अन्य जहाजों के पास अप्रैल के मध्य तक का राशन-पानी है. अगर वे जमीन पर वापस भी आते हैं तो क्रू के सभी सदस्यों को 15 दिनों के क्वारेंटीन में रहना होगा. इससे बेहतर है कि वे ऐसा वहीं करें.”

समुद्र तट की गणना करने वाले यंत्र जहाज पर मौजूद
सागर मंजूषा और हाल ही में शामिल जहाज सागर अन्वेषिका वैज्ञानिक गणना के यंत्र लेकर जा रहे हैं और बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से विभिन्न प्रोजेक्ट के लिए डेटा जुटा रहे हैं. इन पर मौजूद यंत्रों की सहायता से ये समुद्र तल के और पानी के सैंपल्स (Samples) जुटा उनकी जांच कर रहे हैं.

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