कोरोना वॉरियर्स की दो तस्वीर / 7 माह के बेटे को छोड़ रात-दिन ड्यूटी पर हैं नर्स, मां के श्राद्ध में भी नहीं गया स्वास्थकर्मी

सिमडेगा के जलडेगा में प्रखंड मुख्यालय अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी अरुण कुमार सिन्हा की मां का निधन 27 मार्च को हो गया था। नर्स इंदू कुमारी ने कहा कि वो बंशीधरनगर के अस्पताल में बाहर से आए मजदूरों की सेवा करती है।

स्वास्थ्यकर्मी ने कहा- कोरोना से जंग में ड्यूटी जरुरी, हालात जब ठीक होंगे तब कराउंगा मुंडन संस्कार
नर्स ने कहा- नवजात का ख्याल तो है, पर अपना कर्तव्य निभाना ज्यादा जरुरी है

पूरी दुनिया कोरोना के कहर से जूझ रही है। डॉक्टर्स वायरस के मरीज को बचाने में जुट गए हैं। कई डॉक्टर तो ऐसे भी हैं जो पिछले कई दिनों से अपने परिवार से नहीं मिले। गढ़वा के बंशीधरनगर में ऐसी एक नर्स है जो लॉकडाउन लागू होने के बाद से घर नहीं गई। वो बिना हारे थके मरीजों कि सेवा कर रही है। दरअसल, इंदु कुमारी नाम की नर्स है। वह रमना थाना क्षेत्र के सोनेहारा की रहने वाली है। इस संकट में इंदु कुमारी अनुमंडल अस्पताल में ड्यूटी कर रही हैं। उनकी ड्यूटी वार्ड में लगाई गई है। जहां पर सोनभद्र सहित अन्य राज्यों से कमाकर रोजाना मजदूर लौट रहे हैं।

इंदु कुमारी बताती हैं कि 7 माह के बेटे को घर पर छोड़ कर रात दिन ड्यूटी कर रही है। वह लोगों को संदेश दे रही है कि प्लीज आप लोग घर में रहिए ताकि हम अपने घरों को जा सके।

कभी कभार ही मिल पाती है जिगर के टुकड़े से
इंदु कुमारी का एक 7 महीने का बेटा भी है लगातार ड्यूटी करने के कारण वह अपने बच्चे से कभी कभार मिल पाती है। इंदु के बेटे की देखभाल उनके पापा वरुण कुमार कर रहे हैं। इंदु कुमारी बताती हैं कि मुझे अपने बच्चे से ज्यादा इस बात की चिंता है कि लोग भीड़ का हिस्सा नहीं बने। ताकि लोग मेरी तरह अपनों को छोड़कर ना रहे। अगर आप सही रहेंगे तो मैं अपने बेटे को गले लगा पाऊंगी। उन्होंने कहा कि कोई भी मां अपने बेटे को छोड़कर नहीं रहना चाहेगी।

कोरोना से जंग में ड्यूटी जरूरी, मां के श्राद्ध में भी नहीं गया घर, हालात जब ठीक होंगे तब कराएंगे मुंडन संस्कार
उधर, जलडेगा प्रखंड मुख्यालय के अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी अरुण कुमार सिन्हा की माता का निधन 27 मार्च को हो गया था। लेकिन कोरोना संकट के दौरान चल रहे लॉकडाउन में स्वास्थ्यकर्मी सिन्हा मां की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए पटना नहीं जा पाए थे। परिजन से वीडियो कॉलिंग के जरिए अंतिम संस्कार के दिन उन्होंने मां का अंतिम दर्शन किया था। अस्पताल में फार्मासिस्ट सिन्हा ने अपनी माता के दशकर्म संस्कार के लिए भी अवकाश नहीं लिया है।

वे ड्यूटी में रहकर ही अपना मुंडन संस्कार कराएंगे तथा जब कोरोना संकट खत्म हो जाएगा तब घर जाकर मां कों श्रद्धांजलि देंगे। फार्मासिस्ट अरुण कुमार सिन्हा से पूछने पर उन्होंने कहा कि पूरे देश में अभी कोरोना संक्रमण को लेकर मुश्किल का दौर चल रहा है तथा उनके अस्पताल में भी डाक्टर तथा स्वास्थ्यकर्मी की बहुत कमी है। कई बार वे सिर्फ अकेले ही ड्यूटी पर रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में इस स्वास्थ्य केंद्र को छोड़कर जाना उचित प्रतीत नहीं हुआ। तब उन्होंने अपने परिवार वालों से बात की।

परिजनों ने उनसे कहा है कि जब विभाग से छुट्टी मिले तब उनके घर आने पर शुद्धिकरण संस्कार करा लिया जाएगा। जलडेगा के लोग भी फार्मासिस्ट सिन्हा की कर्तव्यनिष्ठा से लंबे समय से परिचित हैं। करीब दो दशक से जलडेगा स्वास्थ्य केंद्र में सेवा दे रहे फार्मासिस्ट सिन्हा के बारे पूर्व विधायक प्रतिनिधि सुभाष साहू ने कहा कि वे अपनी ड्यूटी को लेकर हमेशा ईमानदार रहे हैं और ऐसे सरकारी सेवक समाज में अपने विभाग का गौरव बनते हैं।

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