चीन ने सुन ली होती अपनी उस डॉक्टर की बात, तो नहीं होता दुनिया का ये हाल

वो चीनी डॉक्टर (Chinese doctor), जिसने सबसे पहले कोरोना वायरस (coronavirus) के बारे में बताया था, लापता हैं. माना जा रहा है कि वह पुलिस की हिरासत में हैं और वहीं से उनका सोशल मीडिया अकाउंट अपडेट किया जा रहा है.

अब तक दुनिया के सारे देश कोरोना (coronavirus) की चपेट में आ चुके हैं. मरीजों का आंकड़ा लगभग 13 लाख हो चुका है. ऐसे में चीन लगातार शक के घेरे में है. माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के बारे में वुहान के डॉक्टरों को पहले ही पता चल चुका था, लेकिन उनकी आवाज दबाई गई. खासकर वुहान सेंट्रल अस्पताल में काम करने वाली डॉक्टर Ai Fen की आवाज. खोजी पत्रकारिता करने वाले शो 60 Minutes Australia के अनुसार फेन का कोई अता-पता नहीं. उनके सोशल मीडिया अकाउंट को भी हैक किया जा चुका है और उससे रेंडम तस्वीरें पोस्ट की जा रही हैं.



क्या हुआ था

सबसे पहले 30 दिसंबर 2019 को वुहान के ही सेंट्रल अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर Li Wenliang ने WeChat अकाउंट से अपने डॉक्टर दोस्तों को एक संदेश भेजा. इसमें उन्होंने वुहान में फैली रहस्यमयी बीमारी के बारे में बताते हुए कहा था कि ये सार्स से मिलती जुलती बीमारी है जो सीधे फेफड़ों पर हमला करती है. कुछ ही दिनों बाद उन्हें वुहान के Public Security Bureau में बुलाया गया और एक बयान पर दस्तखत करने को कहा गया. इस बयान के अनुसार डॉक्टर ने बीमारी को लेकर अफवाह फैलाई और लोगों को डराया है. 7 फरवरी को डॉक्टर की SARS-CoV-2 से मौत हो गई. हालांकि उनकी मौत अभी भी रहस्यों के घेरे में है. देश की सबसे बड़ी एंटी-करप्शन एजेंसी National Supervisory Commission ने कहा है कि वो ली की मौत की तह तक पहुंचेगी. बता दें कि डॉ Li Wenliang उन्हीं 8 डॉक्टरों में से हैं, जिन्हें वुहान सेंट्रल अस्पताल के इमरजेंसी रूम से ये सूचना मिली थी.

ये हैं वो डॉक्टर
तहकीकात में सामने आया कि ली समेत बाकी डॉक्टरों को संक्रमण की जानकारी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग की प्रमुख डॉक्टर Ai Fen ने दी थी. डॉ. फेन ही वो पहली शख्स मानी जा रही हैं, जिन्होंने बीमारी की गंभीरता को समझा और लोगों को सचेत करने की कोशिश की थी लेकिन सरकारी अफसरों ने उन्हें धमकी दी. बाद में चीन की People (Renwu) मैगजीन में भी उन्होंने डॉक्टर समुदाय से इस बीमारी का जिक्र किया. ये लेख अब डिलीट किया जा चुका है. इसी डिलीट हो चुके आर्टिकल में एक मरीज के टेस्ट रिजल्ट की भी तस्वीर थी, जिसमें इस डॉक्टर ने लाल स्याही से साफ लिखा था- “SARS coronavirus”.

कार्रवाई की धमकी दी गई
उसी रात यानी 30 दिसंबर को अस्पताल अथॉरिटीज ने डॉ. Fen को संदेश भेजकर कहा कि वे कोरोना शब्द न कहें वरना उन पर कार्रवाई की जाएगी. यहां तक कि अगले दिन disciplinary inspection committee ने उन्हें तलब किया और धमकी दी. इसके बाद डॉ. फेन ने इतना ही किया कि अपने डॉक्टर साथियों को अपना संदेश भेजकर सबको सुरक्षित रहने को कहा. इस बीच वुहान को सील कर दिया गया, चीन में लॉकडाउन हो गया लेकिन तब तक ये वायरस दुनिया के कई देशों में फैलने लगा था. 21 जनवरी को पहली बार चीन ने माना ये कोरोना वायरस इंसानों से इंसानों में फैलता है, जबकि इससे पहले वो लगातार ये बात झुठला रहा था.

दिया था मीडिया में बयान
इसके साथ ही चीन पर ये आरोप लगने लगे कि उसने शुरुआती स्टेज में जानने के बाद भी दुनिया से कोरोना की संक्रामकता छिपाए रखी. खुद डॉक्टर Ai Fen ने न्यूयॉर्क पोस्ट को एक इंटरव्यू में ये बात कही. अखबार के मुताबिक “सिर्फ दो हफ्ते पहले ही वुहान सेंट्रल अस्पताल में इमरजेंसी के प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अधिकारियों ने उन्हें और उनके सहयोगियों को दुनिया को चेतावनी देने से रोक दिया था.” डॉक्टर फेन ने इंटरव्यू में विस्तार से बताया था कि चीन को दिसंबर 2019 में ही इस बीमारी के बारे में पता चल गया था लेकिन इसकी रोकथाम के लिए कुछ नहीं किया गया.

तब से हैं गुमशुदा
इस इंटरव्यू के बाद से एकाएक डॉक्टर Ai Fen की अपडेट दिखनी बंद हो गईं. उनसे किसी का भी संपर्क होना बंद हो गया. डॉक्टर Fen के लापता होने के कयास तब गहराए, जब हुवेई में लॉकडाउन हटने के बाद खुद चीनी प्रेसिडेंट Xi Jinping वहां गए और लोगों से काम पर लौटने की अपील की. इसके बाद भी वह काम पर नहीं दिखी हैं. उनकी आखिरी अपडेट 1 अप्रैल को आई थी, जिसमें “Happy April Fools Day” कैप्शन के साथ वह लैब कोट और मास्क पहने हुए नजर आ रही हैं. लेकिन Radio Free Asia (RFA) के अनुसार हिरासत में लिए चीनी कैदियों का अकाउंट पुलिस अधिकारी देखते हैं या बंदी से जबर्दस्ती ऐसा करवाया जाता है.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.