काेराेना पर ज्याेतिष विज्ञान / ज्योतिषाचार्य बोले- ये राहु का साल है, 14 अप्रैल से प्रकोप कम होगा, मई में मिलेगी राहत पर असर सितंबर तक रहेगा

उज्जैन के पंडित आनंद शंकर व्यास ने कहा- सौ साल में ऐसे कोई ग्रह योग नहीं बने, जिनसे ऐसी स्थिति बनी हो, यह शोध का विषय है
हरिद्वार के डॉ. हरिदास शास्त्री ने कहा- कोरोना से भारत में इतना नुकसान नहीं होगा, जितना अन्य देशों में हुआ, गुरु-सूर्य का परिवर्तन अच्छा फल देगा

उज्जैन. कोरोना से कब मुक्ति मिलेगी? यह सवाल आज सभी के मन में है। एक ओर दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर इसका कारगर इलाज ढूंढने में लगे हैं, वहीं देश-विदेश का शासन-प्रशासन नागरिकों को इस महामारी से बचाने और रोकथाम के प्रयासों में जुटा हुआ है। इस बीच, भास्कर ने यह सवाल उन चार नगरों को ज्योतिषाचार्यों के सामने रखा, जहां समयानुसार कुंभ (सिंहस्थ) लगता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है, ‘‘ये राहु का साल है। 14 अप्रैल से कोरोना का असर कम होना शुरू होगा। मई तक यह नियंत्रित हो जाएगा, लेकिन इसका असर सितंबर तक रहेगा।’’

आइए जानते हैं उनकी रायः

सौ साल में पहली बार ऐसे हालात बने, यह ज्योतिष के लिए शोध का विषय

उज्जैन के पं. आनंद शंकर व्यास ने बताया कि 25-27 दिसंबर 2019 तक षडग्रही योग बना था। इससे कोरोना की शुरुआत हुई। इसके पहले फरवरी 1962 में अष्टग्रही योग बना था। 23 मार्च से मकर में मंगल का प्रवेश हो गया, जहां शनि, गुरु पहले से हैं। इससे महामारी फैली। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भीषण रूप दिखेगा। मई से राहत मिलेगी। सौ साल में ऐसे कोई ग्रह योग नहीं बने, जिनसे ऐसी स्थिति बनी हो। यह शोध का विषय है।

भारत में अन्य देशों की तुलना में कम नुकसान, गुरु-शुक्र अच्छा फल देगा

हरिद्वार के डॉ. हरिदास शास्त्री ने बताया कि कोरोना से भारत में इतना नुकसान नहीं होगा, जितना अन्य देशों में हुआ है। इस बार देवी नाव पर सवार हो कर आई हैं, इसलिए शुभता की शुरुआत हो गई है। इस साल के राजा बुध हैं और मंत्री चंद्रमा। बुध और चंद्र के राज में घबराने की जरूरत नहीं है। इस वर्ष की कर्क लग्न की कुंडली का स्वामी चंद्र है। यानी रोग भय कम होगा। गुरु और सूर्य का परिवर्तन अच्छा फल देगा।

6 मई के बाद ग्रहों के परिवर्तन से ही कोरोना से मुक्ति मिलने की संभावना
काशी के प्रोफेसर रामचंद्र पांडे ने बताया कि कोरोना से राहत की शुरुआत 13 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ हो जाएगी। 14 अप्रैल से लोग राहत महसूस करेंगे। मेष संक्रांति की कुंडली भी अच्छे समय का संकेत कर रही है। सूर्य अपनी उच्च राशि में आएंगे तो उनका प्रभाव शुरू हो जाएगा। गुरु, मंगल व शनि की मकर में युति से अभी यह प्रभाव दिख रहा है। 6 मई से कोरोना का प्रभाव क्षीण होने लगेगा। असर सितंबर तक रहेगा।

4 मई को बदलेगी मंगल की राशि

जयपुर के पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि 11 मई 2020 को बृहस्पति के वक्री होने के बाद से इसका असर कमजोर होगा। 4 मई को मंगल भी राशि बदलेंगे। इसके बाद कोरोना का असर कम होना शुरू हो जाएगा।

ग्रह योगों के कारण स्थिति विकट

प्रयागराज के प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि 2020 का योग 4 है, जो राहु का अंक है। उथल-पुथल तो मचेगी ही। इस पर ग्रह योगों के कारण स्थिति विकट हो गई है। आने वाले समय में ग्रहों के और उथल-पुथल नजर आएंगे।

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