कोरोना / इंदौर से ट्रक में बैठकर नागदा आए संक्रमित युवक की 20 साल की बहन भी पॉजिटिव, पिता की सतर्कता से सामने आया था मामला

युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उज्जैन में 16 हुआ आंकड़ा, पांच की जा चुकी है जान
नई दिल्ली किरण टॉकीज क्षेत्र के 426 घरों के 2134 की जांच करने में जुटा स्वास्थ्य अमला

उज्जैन. नागदा में 21 साल के युवक की कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार काे उसकी 20 साल की बहन भी संक्रमित पाई गई। युवक 1 अप्रैल को ट्रक में सवार होकर इंदौर से नागदा पहुंचा था। इसके बाद बीमार होने पर पिता उसे जबरन जांच करवाने अस्पताल लेकर पहुुंचे। युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब उज्जैन में संक्रमितों का आंकड़ा 16 हो गया है। अब तक 5 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। संक्रमित क्षेत्र की नाकाबंदी कर सील कर दिया गया है। युवक के सभी 9 परिजन को उज्जैन में आइसाेलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के सभी 426 घरों के 2134 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है। युवक ट्रक ड्राइवर है और जांच कराने के स्थान पर इंदौर से भागकर नागदा पहुंचा था।

उज्जैन सीएचएमओ कार्यालय से सोमवार रात बीएमओ डॉ. कमल सोलंकी को नागदा निवासी 21 साल के युवक की रिपाेर्ट पाॅजीटिव मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद प्रशासन ने रात में नई दिल्ली (किरण टॉकीज के पीछे) क्षेत्र के गली नंबर एक क्षेत्र काे क्वारैंटाइन घाेषित कर सील कर दिया था। युवक के परिवार के 9 लोगों के साथ उसके एक मित्र को भी उज्जैन जिला चिकित्सालय में रखा गया है। पुलिस ने नई दिल्ली में संबंधित इलाके के लोगों को क्वारैंटाइन कर दिया है। मंडी थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने नई दिल्ली आने-जाने वाले 9 रास्तों काे सील कर दिया, ताकि काेई भी व्यक्ति अंदर या बाहर नहीं जा सके।

चाचा के लड़के साथ ही घूम रहा था युवक
युवक का गली नंबर एक में ही दोमंजिला मकान है। नीचे के हिस्से में युवक परिवार सहित रहता है, ऊपरी मंजिल पर उसके चाचा रहते हैं। प्रशासन के अनुसार संक्रमित युवक के 16 वर्षीय चाचा के लड़के से सबसे ज्यादा पटती थी। दोनों दिनभर घूमने के साथ अक्सर रात में एक साथ में ही सोते भी थे। बताया जा रहा है चाचा के लड़के का क्षेत्र के कई लोगों के घर में आना-जाना है। ऐसे में स्वास्थ्य अमला अब ऐसे लोगों को भी चिह्नित कर रहा है। जिन घरों में चाचा के लड़के की आवाजाही बीते दिनों में सबसे ज्यादा रही है।

पिता की सजगता से सामने आया मामला
क्षेत्र के लोगों के अनुसार युवक 1 अप्रैल की रात में ही इंदौर से भागकर आया था। इंदौर में इसके साथ रहने वाले दो दोस्तों में कोरोना संक्रमण मिला था। जब इसकी जांच का नंबर आया तो ये वहां से भागकर नागदा आ गया। इंदौर निवासी किसी परिचित ने ही युवक के पिता को कॉल कर यह सूचना थी कि उनका बेटा जांच कराने की बजाए वहां से भाग आया है। परिचित की सूचना पर पिता ने गौर किया तो पता चला मोहसिन को पेट दर्द की शिकायत है, साथ ही वह हांफ भी रहा है। इस पर पिता जबरदस्ती बेटे को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे थे। क्षेत्र के रहवासियों ने यह भी बताया कि युवक को हॉस्पिटल ले जाने पर मां और दादी ने घर में काफी हंगामा भी किया था। बावजूद युवक की मां और दादी को फटकारते हुए उसे अस्पताल ले गए थे।

काेराेना के शुरुआती लक्षण नहीं मिले पर सीधे सांस लेने में हो रही थी तकलीफ
बीएमओ डाॅ. साेलंकी ने बताया युवक ट्रक ड्राइवर है। वह इंदाैर के चंदननगर से ट्रक में 1 अप्रैल काे शहर पहुंचा था। 4 अप्रैल काे उसे तकलीफ हाेने पर रात 10 बजे वह अस्पताल पहुंचा था। इसका उपचार डाॅ. समन कुरैशी ने किया था। युवक काे सर्दी-खांसी व फीवर की शिकायत नहीं थी। बावजूद सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर उसे जिला अस्पताल भेजा। जहां मामला संदिग्ध होने पर सैंपल जांच के लिए भेजा था। डाॅ. साेलंकी के मुताबिक उसका परिवार रविवार रात काे भी अस्पताल जांच कराने पहुंचा था, लेकिन अस्पताल बंद हाेने से लाैट गया।

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