अब कनाडा भी कोरोना को हराने के लिए अपनाएगा `भीलवाड़ा मॉडल`!

कोरोना के खिलाफ देश में जारी जंग के बीच आज एक बार फिर सुर्खियों में आया है राजस्थान का भीलवाड़ा मॉडल. जो देश के लिए ही नहीं बल्कि अब विदेशों के लिए भी कोरोना पर जीत हासिल करने वाला रोल मॉडल बन गया है. और कनाडा जैसा देश भी भीलवाड़ा से सीख ले रहा है.

नई दिल्ली: वो शहर, जिसने घातक कोरोना वायरस पर काबू कर दिखाया है. भीलवाड़ा वही शहर है, जिसकी चर्चा अब तक पूरे हिंदुस्तान में हो रही थी. लेकिन अब दुनिया के लिए ये शहर रोल मॉडल बनता जा रहा है.


‘भीलवाड़ा मॉडल’ से कोरोना को हराएगा कनाडा!

राजस्थान का भीलवाड़ा, जिसकी वाहवाही अब तक पूरे देश में हो रही थी. अब विदेशों में भी ये शहर कोरोना के खिलाफ जंग का रोल मॉडल बन गया है. कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने ज़ी मीडिया से बात करते हुए बताया है कि कनाडा ने भारत से भीलवाड़ा मॉडल साझा करने की मांग की थी, ताकि कनाडा भी कोरोना संक्रमण पर भीलवाड़ा की ही तरह काबू पा सके.


जो मांग पूरी करते हुए भारत ने कनाडा से भीलवाड़ी मॉडल साझा किया. साथ ही भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की 50 लाख टेबलेट्स की खेप भी कनाडा तक पहुंचाई है.


भीलवाड़ा मॉडल की क्यों हो रही इतनी प्रशंसा


जिस भीलवाड़ा मॉडल की इतनी तारीफें हो रही है, चलिए आपको पहले इस शहर की कामयाबी के बारे में बताते हैं.


भीलवाड़ा में 19 मार्च को कोरोना इनफेक्शन का पहला मामला सामने आया और मार्च के अंत तक ये आंकड़ा बढ़ कर 26 तक पहुंच गया. इनमें से दो लोगों की मौत भी हो गई. लेकिन इसके बाद भीलवाड़ा जिला प्रशासन और यहां के डॉक्टरों ने मिलकर ऐसी जबरदस्त मुहिम चलाई कि तस्वीर बदल गई और कोरोना जैसी जानलेवा महामारी भी कंट्रोल में आ गई. अब तक इस जिले में संक्रमण के मामले 29 से आगे नहीं बढ़ पाए हैं.


अब ज़रा ये समझिए कि कोरोना से लड़ाई में मिली इस सफलता की कौन सी 3 सीढियों ने भीलवाड़ा मॉडल को कनाडा का रोल मॉडल बना दिया. ये 3 पड़ाव हैं, महाकर्फ्यू, सबकी स्क्रीनिंग और आइसोलेशन.


भीलवाड़ा प्रशासन के 10 अहम फैसले


पूरे शहर में कर्फ्यू , लोगों को घरों में रोका जिससे संक्रमण ना फैले

शहर की सीमा सील की गई, अंदर-बाहर जाने की इजाज़त नहीं

ज़िले में जगह-जगह चेकपोस्ट बनाकर लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया गया



दूसरे जिलों के कलेक्टर को फोनकर सीमाएं सील करवायीं गयीं

पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद किये, निजी वाहनों पर भी रोक

कोरोना के पॉजिटिव रोगी मिलने वाले इलाके नो मूवमेंट जोन घोषित

3203 टीमें बनाकर 25 लाख स्क्रीनिंग, संदिग्ध होम क्वारेंटाइन किये

संक्रमित डॉक्टर के संपर्क में आए लोगों की लिस्ट बनाकर स्क्रीनिंग

शहर के होटलों को अधिग्रहित कर 8030 लोगों को क्वारेंटाइन किया

10 कलेक्ट्रेट के विभागों को अहम, आपात स्थिति की जिम्मेदारियां दी गई


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लोगों के भारी समर्थन और प्रशासन की तेज़ी के चलते भीलवाड़ा में 17 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, वहीं 11 मरीज़ ठीक होकर घऱ जा चुके हैं….और अब कनाडा भी इसी मॉडल से अपने देश में कोरोना को हराने की तैयारी में है

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