कोरोना वायरस – लोक डाउन से छोटे धंधे वाले कामगारों पर मुसीबत

भोपाल से रचित मालवीय की रिपोर्ट

कोरोना वायरस- एक ऐसी वैश्विक महामारी जिससे पुरे विश्व के साथ भारत भी प्रभावित हुआ। भारत में अब तक 30 हजार से ज्यादा लोग इस संक्रमण का शिकार हुए ,जिसमे से 8 हजार से अधिक लोग ठीक भी हो गए है
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भारत की इतनी विशाल जनसंख्या के लिए लॉकडाउन को हथियार के तौर पर प्रयोग किया गया , जिसकी सफलता के 2 चरण पुरे होने पर है. और तीसरे चरण की तैयारी प्रराम्भ हो गयी है।

लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है. जिससे व्यापारी,उधोगपति,किसान, मजदुर, छोटे कामगार सभी प्रभावित हुए है.
इस दौरान छोटे कामगारों की अपनी अलग ही मुसीबत है. उन्हें कोरोना संक्रमण से भी बचना है. साथ ही अपनी आजीविका का भी इंतजाम करना है. और आने वाले कुछ महीनो मे जब तक हालात सामान्य नही होते घर में अपना जीवन यापन करना है.
इस असामान्य परीस्थिति में हमने बात की कुछ छोटे धंधे करने वाले लोगो से।।

  1. महेश साहू भोपाल में रोड किनारे एक चाय की दुकान लगाते है उनका कहना है
    हमारी बचत बहुत कम होती है. पिछले एक महीने में लॉकडाउन से बहुत अधिक नुकसान हुआ है,
    सरकार की तरफ से राशन दिया है जिसमे लॉकडाउन में गुजारा हो जाएगा, लेकिन आने वाले महीनो में धंधा नही चलेगा।।
  2. मंजीत सिंह भोपाल में शादियों में फोटो और वीडियो का काम करते है उनका कहना हैं
    लॉकडाउन के कारण इस साल कोई काम नही मिलेगा ना ही कोई बड़े समारोह होंगे. 4 लोगो के परिवार के साथ कैसे गुजारा होगा.ये हमारी चिंता का सबसे बड़ा कारण है.
    जितनी बचत थी वो लॉकडाउन में खत्म हो गयी है. साथ ही उनके यहाँ काम करने वाले 4 लोग बेरोजगार हो गये है।
  3. रामप्रसाद मालवीय भोपाल में ड्राक्लीनिंग की दुकान चलाते हैं उनका कहना है-
    पिछले एक महीने से दुकान बंद है .कपड़ो से वायरस फैल सकता है इस डर से कोई भी कपडे प्रेस और धुलाई के लिए नही दे रहा है .आने वाले महीनों में भी यही हालात रहेगे.
    घर में रहते हुए लॉकडाउन के दिन तो निकल जायगे. लेकिन उसके बाद के महीनो में भी काम ना आना एक बड़ी मुसीबत है .क्योंकि कमाने का और कोई जरिया हमारे पास नही है।
    इनके यहाँ काम करने वाले 2 लोग बेरोजगार हो गये है।
  4. भगवानदास भोपाल में एक फैक्ट्री में काम करते है उनका कहना है- लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद है महीने में सिर्फ 5000 कमाते है 5 लोगो के परिवार का साथ है लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नही होने से राशन और सब्जी की दिक्कत हो रही है।
  5. दिनेश भोपाल इलेक्ट्रॉनिक का काम करते हैं उनका कहना है- लॉकडाउन के कारण गर्मी में निकलने वाले छोटे काम नही मिल रहे है आने वाले महीनो में काफी दिक्कतों का सामना करना होगा।
  6. इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्य करने वालो की इस तरह की तमाम समस्या है. जिसके उपाय के लिए सरकार और प्रसाशन लगातर प्रयास कर रहा है.
  7. मध्यप्रदेश सरकार गरीबो को भोजन और सभी राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है लेकिन अब समय आ गया है. जब लॉकडाउन के बाद राहत में इन छोटे धंधे करने वाले लोगो के लिए एक योजना तैयार की जाये. जिससे आने वाले महीनो में इनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो।।

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