गुना जिला अस्पताल में ही गंभीर लापरवाही / कोरोना मरीज के संपर्क में आईं डॉक्टरों की कैंप में ड्यूटी लगाई, 150 महिलाओं को जांचा

गुना| जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग।

गुना| जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग।

गाइड लाइन का उल्लंघन; महिला डॉक्टरों ने खुद क्वारेंटाइन करने का आग्रह किया तो सिविल सर्जन बोले-क्या मैटरनिटी वार्ड में ताला लगा देंमहिला से सीधे संपर्क में आई चार महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से अब भी काम कराया जा रहा है

गुना. कोरोना जैसी महामारी के संबंध में भी जिला अस्पताल प्रबंधन लापरवाही बरत रहा है। महाराष्ट्र से उप्र जा रही जिस प्रसूता को तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, वह सोमवार को कोरोना पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद भी इस महिला से सीधे संपर्क में आई चार महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से अब भी काम कराया जा रहा है। अब तक कोरोना जांच के लिए न तो इनका सैंपल लिया है और न ही क्वारेंटाइन किया गया है। हद तो तब पार हो गई, जब इनमें से दो महिला डॉक्टरों आरती श्रीवास्तव और आभा शर्मा की ड्यूटी मंगलवार को प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) के लिए शिविर में लगा दी गई। इन्होंने 150 से ज्यादा महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जबकि गाइड लाइन में स्पष्ट है कि पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने वालों को क्वारेंटाइन किया जाए।
डॉक्टरों ने सिविल सर्जन को पत्र सौंपा था
मैटरनिटी वार्ड में आपातकालीन ड्यूटी देने वाली डॉक्टर आभा शर्मा, डॉ. रुचि राणा, डॉ. परिणीति कोट और डॉ. आरती श्रीवास्तव ने सिविल सर्जन डॉ. एसके श्रीवास्तव को मंगलवार सुबह एक पत्र सौंपकर कहा कि कोरोना पॉजिटिव महिला के संपर्क में आने के कारण हम लोगों को क्वारेंटाइन किया जाए और सैंपल लिया जाए लेकिन सिविल सर्जन बोले, 4 लेडी डॉक्टर को क्वारेंटाइन कर दिया तो संस्थागत प्रसव बंद करना पड़ेगा।
सर्जिकल वार्ड के स्टाफ को भी क्वारेंटाइन नहीं किया
यूपी में रहने वाली एक युवती पिछले दिनों सड़क हादसे में घायल होने के बाद जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुई थी। इसे ग्वालियर रेफर किया गया था। बाद में इसकी मौत हो गई। यह युवती भी पॉजिटिव निकली है। सर्जिकल वार्ड में भी इसका इलाज और देखभाल करने वाले स्टाफ को अब तक क्वारेंटाइन नहीं किया गया है।

मैंने तो कल ही कहा था सभी को क्वारेंटाइन करें
संपर्क में आने वाले व्यक्ति कोई भी हो, उन्हें क्वारेंटाइन किया जाना चाहिए। मैंने सिविल सर्जन से सोमवार को ही कह दिया था कि सभी को होम क्वारेंटाइन कर दें। ऐसा नहीं किया है तो यह गलत बात है।
-डॉ. पी बुनकर, सीएमएचओ
मैटरनिटी में लेडी डॉक्टरों की संख्या पहले से ही कम हैं। 4 लेडी डॉक्टरों को क्वारेंटाइन किया तो हमें मैटरनिटी में ताला लगाना पड़ेगा। इससे संस्थागत प्रसव बंद हो जाएगा। हम वैकल्पिक इंतजाम कर रहे हैं।

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