इंदौर / बिजली के बिल से हलकान मप्र के 5000 से ज्यादा उद्योगपतियों ने दिया ऑनलाइन धरना

एआईएमपी के अनुसार लॉकडाउन के चलते करीब दो माह से फैक्ट्रियां बंद है, कोई काम नहीं हो रहा है। इसके बावजूद लाखों रुपए के बिजली के बिल जारी कर दिए गए है।

एआईएमपी के अनुसार लॉकडाउन के चलते करीब दो माह से फैक्ट्रियां बंद है, कोई काम नहीं हो रहा है। इसके बावजूद लाखों रुपए के बिजली के बिल जारी कर दिए गए है।

लॉकडाउन के दौरान फैक्ट्रियां बंद रहने के बावजूद बिजली विभाग ने भेज दिए लाखों रुपए के बिलएसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र के अनुसार सरकार तक पहुंचाई बात लेकिन नहीं हुई सुनवाई

इंदौर. एक तरफ तो केन्द्र सरकार 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के द्वारा देश के छोटे और मध्यम उद्यमियों को राहत देने का दावा कर रही है वहीं मप्र के 5 हजार से ज्यादा छोटे व मध्यम उद्योगपति मप्र सरकार की उदासीनता से परेशान है। शिवराज सरकार से नाराज इन उद्योगपतियों ने गुरुवार को ऑनलाइन धरना दिया।

एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया के अनुसार एआईएमपी के बैनर तले इस धरने का आयोजन गुरुवार को किया गया। एआईएमपी के अनुसार लॉकडाउन के चलते करीब दो माह से फैक्ट्रियां बंद है, कोई काम नहीं हो रहा है। इसके बावजूद लाखों रुपए के बिजली के बिल जारी कर दिए गए है।
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) के बैनर तले इस धरने का आयोजन किया गया।

काम बंद होने से उद्यमियों की माली हालत पहले ही खराब है, इसके बावजूद उन्होंने मजदूरों व कर्मचारियों को वेतन दिया। कारखानों में पड़ा कच्चा माल भी काफी मात्रा में खराब हो गया है। यदि सरकार मदद नहीं करेगी तो उद्योग चलाना मुश्किल होगा। इस ऑनलाइन धरने में एआईएमपी से जुड़े लगभग 5 हजार उद्योगपति हाथों में बिजली बिल में सुधार सहित अन्य मांगे लिखी तख्तियां लेकर शामिल हुए। धरने के लिए विशेष टेक्निकल टीम बनाई गई थी।

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