गैर सूबो से रवाना हो रहे मजदूर बने कोरोना वीरों के लिये बड़ी चुनौती

बिसवाँ- सीतापुर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हमारे देश में चौथा लॉक डाउन चल रहा है । लॉक डाउन के चलते देश के अलग-अलग राज्यों से प्रवासी मजदूरों का अपने घर की तरफ पलायन हो रहा है । जिससे सरकार एवं प्रशासनिक मशीनरी की चुनौतियां बढ़नी लाजमी हैं । जबकि कोरोना जैसी बीमारी का अभी तक कोई इलाज संभव नहीं हो पाया है । जिसके चलते जहां आम आदमी में इसको लेकर भय व्याप्त है वही इन विषम परिस्थितियों में भी राजस्व कर्मचारी अपनी जान हथेली पर लेकर दिन-रात क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने वाले लोगों की दिन-रात सेवा कर रहे हैं ।

बताते चलें कि नगर में नगर पालिका मैरिज हाल, कृष्णा देवी बालिका इंटर कॉलेज , सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज आदि नगर एवं नगर से जुड़े कालेजों को आश्रय स्थल बनाकर यहां पर चौदह दिन के लिए रहने वाले व्यक्तियों को समुचित देखभाल का जिम्मा तहसील प्रशासन ने अलग अलग प्रभार के रूप में कर्मचारियों को सौंप रखे हैं। प्रभारियों में जहां मनीष गौतम को श्रीराम चंपा देवी , रामकुमार यादव कृष्णा देवी बालिका इंटर कॉलेज , ललित वर्मा रेलवे स्टेशन , ज्ञानेश्वर सोनी मालती प्रसाद शिव प्यारी इंटर कॉलेज अमलोरा , अंशु सिंह सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज , सत्येंद्र कुमार यादव अजीम मेमोरियल पीजी कॉलेज का प्रभार है। वही तहसील प्रशासन के लेखपाल संघ के महामंत्री निलेश कुमार यादव को नगरपालिका मैरिज हाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है । गौरतलब हो कि बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों के मेडिकल जांच व उनके रुकने की व्यवस्था भोजन पानी की व्यवस्था एवं नगरपालिका मैरिज हाल के अंदर ही कम्युनिटी किचन की जिम्मेदारी का निर्वहन कोरोना योद्धा के तौर पर लेखपाल निलेश कुमार यादव के जिम्मे है । यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि जहां आम से लेकर खास आदमी तक कोरोना संक्रमण के चलते सहमा हुआ है । वही इन योद्धाओं के द्वारा विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से कहीं आगे बढ़कर दिन-रात सेवा कार्य में लगे हुए हैं जो काबिले तारीफ है। वही इन आश्रय स्थलों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को समय से भोजन एवं पानी की व्यवस्था कराना जहां सबसे बड़ी चुनौती है वही कोरोना योद्धाओं के द्वारा मध्य रात्रि तक एक-एक आश्रय स्थलों पर मौजूद व्यक्ति को भोजन कराकर ही फिर भोजन करना अपने आप में एक मिसाल है। इन विपरीत परिस्थितियों में भी जहां इन कोरोना योद्धाओं के जरिए अट्ठारह से बीस घंटे लगातार कार्य कर अपना आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं । वहीं सरकार की गाइडलाइन कि बीमार से नहीं बीमारी से लड़ना है । इस कथन को बिसवाँ नगर एवं आसपास बनाए गए आश्रय स्थलों पर इन योद्धाओं द्वारा अपनी सेवा देकर सच साबित करने वाले इन कोरोना योद्धाओं को हम सभी को नमन करना चाहिए ।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.