लॉकडाउन की लुकाछिपी / सरकार भी क्या करे, देशबंदी के चौथे फेज में सबसे ज्यादा 73 हजार मामले बढ़े; अब राज्य ढील देते रहेंगे और केंद्र सरकार आगाह करती रहेगी

लॉकडाउन का चौथा फेज 31 मई को खत्म हो रहा, केंद्र सरकार राज्यों को फैसले लेने की छूट दे सकती है
चौथे फेज में केंद्र ने राज्यों को कोरोना संक्रमण के हिसाब से रेड, ऑरेंज, ग्रीन जोन तय करने की छूट दी थी

नई दिल्ली. लॉकडाउन का पांचवां फेज आएगा या नहीं, सस्पेंस कायम है। चौथा फेज 31 मई को खत्म हो रहा है। संभव है लॉकडाउन 15 जून तक बढ़ा दिया जाए। लेकिन इससे पहले एक बात साफ हो चुकी है कि देशबंदी के मामले में अब केंद्र सरकार की भूमिका ज्यादा नहीं होगी। राज्य फैसले लेंगे, कहीं सख्त तो कहीं रियायतों वाले। केंद्र गाइडलाइन के तौर पर अपनी बातें कहता रहेगा। उसे अमल में लाना राज्यों के जिम्मे होगा और इस तरह लॉकडाउन की लुकाछिपी जारी रहेगी।

लॉकडाउन की लुकाछिपी जारी रहेगी, इसकी दो वजह-

1. लॉकडाउन के चौथे फेज में सबसे ज्यादा 73 हजार मामले बढ़े, इसलिए देशबंदी पूरी तरह खत्म होना मुमकिन नहीं।

लॉकडाउन कब से कब तक दिन कोरोना के मामले कितने बढ़े
पहला 25 मार्च से 14 अप्रैल 21 10,828
दूसरा 15 अप्रैल से 3 मई 19 30,407
तीसरा 4 मई से 17 मई 14 49,264
चौथा 18 मई से 31 मई 14
73,694 (30 मई दोपहर डेढ़ बजे तक)

2. पिछले 5 दिनों में 3 बार कोरोना के नए मामले 7 हजार से ज्यादा रहे, यानी हालात ठीक नहीं।

तारीख नए मामले तारीख नए मामले
19 मई 6154 24 मई 7113
20 मई 5720 25 मई 6414
21 मई 6023 26 मई 5907
22 मई 6536 27 मई 7246
23 मई 6663 28 मई 7254
केंद्र की भूमिका अब ज्यादा नहीं होगी, इसके दो संकेत-

1. इस बार मोदी नहीं, शाह ने मुख्यमंत्रियों से बातचीत की
इकोनॉमी को खोलने और लोगों के मूवमेंट के मामले में केंद्र सरकार अब अपना रोल कम से कम करना चाहती है। इसके संकेत इस बात से मिलते हैं कि इस बार लॉकडाउन खत्म होने से पहले मुख्यमंत्रियों से बातचीत प्रधानमंत्री ने नहीं, बल्कि गृह मंत्री अमित शाह ने की।

बाद में शाह ने शुक्रवार को मोदी से मुलाकात कर मुख्यमंत्रियों से हुई बातचीत का उन्हें ब्याेरा दिया, जबकि इससे पहले 20 मार्च, 2 अप्रैल, 11 अप्रैल, 27 अप्रैल और 11 मई को प्रधानमंत्री ने खुद मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर चर्चा की थी।

2. सूत्र भी कह रहे हैं कि अब राज्य बड़े फैसले लेंगे
सूत्रों के हवाले से खबर चल रही है कि केंद्र सरकार राज्यों को ये हिदायत देती रहेगी कि 12 राज्यों में कोरोना के 30 कंटेनमेंट जोन में सख्ती जारी रखें। लेकिन इन पर बड़ा और आखिरी फैसला राज्यों का होगा। ये कंटेनमेंट जोन महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब और ओडिशा के 30 शहरों में हैं। देश में कोरोना के 80% मामले इन्हीं इलाकों में हैं।

…तो केंद्र के पास बचा क्या? मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग या इससे भी ज्यादा?
माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर रोक जारी रखेगी। राजनीतिक जमावड़ों पर भी रोक रहेगी। शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल बंद रखने के आदेश वह दे सकती है। वहीं, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह जारी रहेगी।

…और राज्य क्या फैसले लेंगे?
स्कूल-कॉलेजों पर फैसला राज्यों पर छोड़ा जा सकता है। धार्मिक जमावड़ों पर भी राज्य फैसला ले सकते हैं। इसकी शुरुआत शुक्रवार को हो गई, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1 जून से धार्मिक स्थलों पर लोगों की एंट्री की इजाजत दे दी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने हाल ही में प्रधानमंत्री को लिखी चिट्‌ठी में कहा था कि मंदिर, मस्जिद, चर्च खोलने की इजाजत दी जाए। हालांकि, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने लॉकडाउन 15 दिन और बढ़ाने की सिफारिश की है। यानी 15 जून तक।

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