मप्र में निसर्ग तूफान / खंडवा में सबसे ज्यादा 132 मिमी बारिश, कई इलाकों में भरा पानी, नाले उफान पर, बड़वानी में 97 बारिश, इंदौर में पेड़ गिरा

मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर में गुरुवार को दिनभर में 10 सेमी (लगभग 4 इंच) पानी बरस सकता है
बड़वानी में रातभर से रुक-रुककर बारिश हो रही है, उज्जैन में देर रात तेज बारिश हुई, सुबह से रिमझिम

इंदौर. निसर्ग तूफान का असर मालवा-निमाड़ के करीब-करीब सभी जिलाें में दिखाई दे रहा है। इंदौर में बुधवार शाम तेज हवाओं के बाद रातभर से रुक-रुक कर बारिश हाे रही है। रातभर में 51 से ज्यादा बारिश हाे चुकी है। लगातार बारिश से न्यूनतम तापमान 18 डिग्री पर पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री कम है। बारिश और हवा के कारण प्रेम नगर में एक पेड़ धराशायी हो गया। बड़वानी में रातभर में 97 मिमी बारिश हुई। वहीं, खंडवा में सबसे ज्यादा 132 मिमी बारिश होने से यहां इलाकों में सड़कें लबालब हो गईं। नाले उफान पर आ गए। उज्जैन में भी देर रात तेज बारिश के बाद सुबह से रिमझिम का दौर जारी है।

इंदौर में 4 इंज बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को दिनभर में 10 सेमी (लगभग 4 इंच) पानी बरस सकता है। बिजली गिरने का खतरा भी बहुत ज्यादा रहेगा। हवा भी 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। हालांकि सुबह से हल्की हवाएं चल रही हैं। जिससे मौसम में ठंडक घुल गई है। हालांकि बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली गुल है। इंदाैर के साथ ही उज्जैन, खरगोन, खंडवा, बड़वानी समेत मालवा निमाड़ के करीब-करीब सभी जिलाें में तूफान का असर दिखाई दे रहा है।


खंडवा में निचले इलाकों में इस प्रकार से पानी भर गया है।
खंडवा में लगातार बारिश जारी, कई नाले उफाने

निसर्ग तूफान के कारण खंडवा में रातभर से तेज बारिश का दाैर जारी है। शहर में बुधवारा, कहारवाड़ी, रेलवे स्टेशन, सिनेमा चौका समेत कई निचले इलाके पानी पानी हो गए हैं। कई नाले उफान पर आ गए हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश और हवा आंधी चलने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। कहा है लोग पर्यटन स्थलों पर भी न जाएं। इन क्षेत्रों में गुरुवार काे 50 किमी की रफ्तार से हवा व आंधी चल सकती है। मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है कि गुरुवार को ओंकारेश्वर, हनुवंतिया, असीरगढ़ सहित किसी भी पर्यटन स्थल पर न जाए। यहां 40-50 किमी की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ बिजली गिरने की संभावना है। डिप्टी कलेक्टर हेमलता सोलंकी ने बताया कि निसर्ग तूफान से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए भू-अभिलेख कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।


खंडवा में मुख्य मार्ग भी पानी-पानी हो गए हैं।
बड़वानी में भी रातभर झमाझम
खंडवा के साथ ही बड़वानी में भी निसर्ग का खासा असर देखने को मिला है। बड़वानी में जहां 97 मिमी बारिश हो चुकी है। वहीं, जिसे सेंधवा में सबसे ज्यादा 104, निवाली में 102 और बरला में 91 मिली बारिश रिकाॅर्ड की गई। रातभर हुई बारिश से अंजड भी पानी-पानी हो गया है। नर्मदा पट्‌टी से लगे खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हुआ है। यहां पाल टूटने से करीब 6 एकड़ में कपास की फसल को काफी नुकसान हुआ है। लगातार बारिश होने से मंडी में रखी उपज भीग गई है।


इंदौर में बारिश के कारण अलसुबह एक पेड़ धराशाई हो गया।
कलेक्टर ने सभी से घरों में रहने की अपील की
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को तूफान का संभावित असर इंदौर में दिख सकता है। तेज हवा और बारिश की आशंका के मद्देनजर सांसद शंकर लालवानी और कलेक्टर ने सभी नागरिकों से घरों में ही रहने की अपील की है। बिजली विभाग काे भी अलर्ट रहने के लिए कहा है। कलेक्टरेट में तूफान की तैयारियों को लेकर बुधवार को सांसद और कलेक्टर ने बैठक भी ली। आपदा की स्थिति पैदा होने की दशा में नगर निगम में कंट्रोल रूम बनाया गया है। संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने सभी आठों जिले के कलेक्टर को पत्र जारी किए हैं। इसमें ज्यादा से ज्यादा गेहूं को वेअर हाउस में रखवाने का उल्लेख किया है।


बुरहानपुर में सिंधी बस्ती से लेकर गणपति नाका तक बायपास पर सड़क के हाल ऐसे हो गए।
8 साल बाद इतनी जल्द प्री-मानसून गतिविधि
2012 में मानसून 3 जून को ही सेट हो गया था। मई खत्म होने तक 5 इंच पानी गिर चुका था। लिहाजा, मानसून घोषित करना पड़ा था। 8 साल बाद अब ऐसा अवसर आया है, जब जून के पहले दिन से ही प्री-मानसूनी गतिविधि शुरू हो गई। लेकिन सक्रिय मानसून 22 जून तक आएगा।

40 साल बाद दिखेगा तूफान का ऐसा असर
मौसम विशेषज्ञ अजय कुमार शुक्ला के मुताबिक 1980 में इस तरह का तूफान आया था। महाराष्ट्र में टकराने के बाद इंदौर, भोपाल, जबलपुर पर इसका असर हुआ था। हालांकि 2008-09, 2016-17 में भी गुजरात की तरफ से तूफान आने की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके भटक जाने की वजह इंदौर, भोपाल बेअसर रहे।

जून की बारिश का आधा कोटा पूरा हो सकता है
जून में औसत बारिश के 7 दिन माने जाते हैं। कुल 6 इंच बारिश इस महीने में होती है। गुरुवार को लगातार बारिश हुई तो आधा कोटा एक ही दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद भी प्री-मानसून सक्रिय रहेगा। पिछले साल कुल 53 इंच पानी गिरा, लेकिन जून में 5 इंच ही बारिश हुई थी।

मप्र में अब तक खंडवा में सबसे ज्यादा बारिश

जिले बारिश (मिमी में)
खंडवा 132
खरगोन 66
धार 21.6
बड़वानी 97
शाजापुर 18.6
बुरहानपुर 50
छिंदवाड़ा 28
भोपाल 23.2
होशंगाबाद 40.2
बैतूल 25.6
पचमढ़ी 22
सतना 26.4
रीवा 8.2
सीधी 2.0
खजुराहो 0.3
रायसेन 16.4
इंदौर 51.7
जबलपुर 19.9
सागर 15.3
दमोह 22
नौगावं 1.2
उज्जैन 13
उमरिया 9.4
मंडला 43
नरसिंहपुर 39
सिवनी 13.8
मजलाखंड 34.8

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