दाउद इब्राहिम को हुआ कोरोना, आर्मी हॉस्पिटल के बेड पर गिन रहा जिंदगी के आखिरी दिन!

कराची। भारत में हिंसा और आतंक का नंगा नाच खेलकर नापाक पाकिस्तान की गोद में छिप बैठे भगोड़ा दाउद इब्राहिम अब अपनी जिंदगी के आखिरी दिन गिन रहा है। उसका इलाज कराची के आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती है। दाउद को इंटेसिव केयर यूनिट में रखा गया है। दाउद को कोरोना हो गया है। दाउद की पत्नी महजबीं को भी कोरोना हो गया है। दागउद को कोरोना होने से पाक आर्मी में खलबली मची हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि दाउद को कोरोना काफी पहले होगया था। लेकिन उसकी पहचान जाहिर न हो जाये इसलिए हॉस्पिटलाइज नहीं किया। इसी दौरान उसके संपर्क में पाक आर्मी और आईएसआई कई बड़े अफसर भी आचुके हैं। इनमें से जिन-जिन में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्हें भी कोरोन्टाईन किया गया है। इसके अलाव दाऊद के पर्सनल स्टॉफ और गार्ड्स को भी क्वारंटाइन किया गया है। दाउद इब्राहिम को कोरोना होने के बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा ने आईएसआई के शीर्ष अफसरों के साथ गोपनीय बैठक भी की। दाउद इब्राहिम को आर्मी हॉस्पिटल की जिस यूनिट में रखा गया है, उसके चारों ओर स्पेशल फोर्सेस के कमाण्डोज को पहरे पर लगाया गया है। इस यूनिट में कुछ खास डॉक्टरों के अलावा मेडिकल या पैरा मेडिकल स्टाफ को ही जाने की इजाजत है। इन सब पर भी आईएसआई के जासूस 24 घण्टे निगरानी कर रहे हैं। पाक आर्मी ने दाउद इब्राहिम की बीमारी की खबर को काफी छुपाने की कोशिश की लेकिन खबर बाहर आ ही गयी। इससे जनरल बाजवा की चिंताएं और ज्यादा बढ़ गयी हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि दाउद इब्राहिम को मोबाइल आईसीयू रखा गया है। दाउद की सही-सही लोकेशन तो उसका इलाज करने वाले डॉक्टरों को भी नहीं दी जा रही है। पाकिस्तानी मीडिया के एक वर्ग ने यह जोरदेकर कहा है कि दाउद आर्मी हॉस्पिटल के स्थाई आईसीयू में रखा गया हो या मोबाइल आईसीयू में रखा गया हो, जो भी हो, दाउद का इलाज पाकिस्तान की आर्मी ही कर रही है। ध्यान रहे, दाउद इब्राहिम 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों का मास्टरमाइंड है। इस आतंकी घटना में 13 बम धमाके हुए थे जिसमें 350 लोगों की मौत हुई थी और 1200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 2003 में भारत सरकार ने अमेरिका से मिलकर दाउद को ग्लोबल टेररिस्ट (वैश्विक आतंकवादी) घोषित कर रखा है। पाकिस्तान को यह भी डर है कि अगर इस हालत में इंडिया के एजेंट दाउद तक पहुंच गये तो उनको मुंह छिपाने के लिए दुनिया में कहीं जगह नहीं मिलेगी। एफएटीएफ में ब्लैकलिस्ट में भी बिना सुनवाई के ही डाल दिया जायेगा।

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