महिला एवं बाल विकास के पृथक हुए कर्मचारियों ने अपनी सेवाऐं निरंतर जारी करवाने हेतु उठाई आवाज

DG NEWS

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट


सीहोर ।

महिला एवं बाल विकास विभाग में अगस्त 2016 से पूर्व में स्निप एवं 8 मार्च 2018 से माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किये गये पोषण अभियान अंतर्गत आउटसोर्सिंग के माध्यम से 1027 कर्मचारी प्रदेश में कार्यरत है। जिस आउटसोर्सिग एजेन्सी के माध्यम से विभाग में सेवाऐं दे रहे हैं, उसका अनुबंध विभाग द्वारा दिनांक 22 जून 2020 के आदेश से माह अप्रैल 2020 से ही  समाप्त कर दिया गया है। जबकि सब कर्मचारियों का कहना है कि इन्हें विगत तीन माह से वेतन भी नही दिया गया है। विभाग के द्वारा एजेन्सी का अनुबंध समाप्त होने पर इनकी सेवाऐं भी पृथक हो गई है। जबकि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कोविड-19 के दौरान किसी को भी नौकरी से ना निकाले जाने का आव्हान किया गया है। साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तर पर पदस्थ कर्मचारियों को विभाग द्वारा एवं सबंधित जिले के कलेक्टर के द्वारा कोविड-19 कार्य करने पर कोविड यौद्वा के आदेश जारी किये गये है । ऐसे में कोविड 19 योद्वा को विभाग द्वारा अचानक ही सेवा पृथक कर दिया गया है। पोषण अभियान भारत सरकार द्वारा वित्तीय सहायता 80-20 के अनुसार संचालित किया जा रहा है। और यह अभियान मार्च 2021 तक स्वीकृति प्राप्त है जिसमें ना पद और ना ही वित्तीय राशि की कमी है। इनका कहना है कि इन सबके भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। इनकी मांग है कि विभाग द्वारा नई एजेन्सी या अन्य कोई व्यवस्था नही की जाती जब तक हमें निरंतर सेवा में रखा जावे। विभाग द्वारा नई एजेन्सी या अन्य कोई व्यवस्था होने पर हम सभी को पुन: लिया जायें क्योकि यह विभाग में विगत 04 वर्षो से सेवाऐं दें रहें है। विभाग द्वारा बिना कोई सूचना के तुगलकी आदेश जारी कर दिया गया है जिसे तत्काल निरस्त किया जायें एवं सेवाऐं निरंतर जारी करवाई जावे।

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