राष्टीय ध्वज लगाने की योजना प्रशासन ने झंडा लगाने की जगह दी लेकिन मौके पर पाक बनाने की तैयारी

राष्ट्रीय ध्वज लगाने की योजना / प्रशासन ने झंडा लगाने की जगह दी, लेकिन मौके पर पार्क बनाने की तैयारी

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भूमिपूजन वाली जगह की बजाय दूसरी जगह काम शुरू किया, जो जगह मैकेनिकों को एलॉट, उन्हें वहां से हटने को कहा

अशोकनगर. संजय स्टेडियम परिसर में 200 फीट से भी ज्यादा ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने की योजना पर अमल शुरू हो गया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स और विधायक निधि के सहयोग से यह काम 15 अगस्त तक पूरा करने की योजना है। पर इसकी शुरुआत ही विवाद में पड़ गई है। जिस जगह पर इसके लिए भूमिपूजन किया गया, निर्माण उससे काफी दूर किया जा रहा है।

दूसरे खुद चैंबर ऑफ कॉमर्स ने माना कि उसे करीब 10 हजार स्कवायर फीट की जमीन पर काम करने की अनुमति दी गई है लेकिन मौके पर तो लगभग 35 हजार स्क्वायर फीट से ज्यादा जमीन का समतलीकरण हो गया है। यही नहीं कुछ दिन पहले कलेक्टर ने बाकायदा आदेश निकालकर सभी ऑटो मैकेनिकों को जो जगह एलॉट की गई थी, उनको भी वहां से हटने के लिए कहा जा रहा है। 

चैंबर ऑफ कॉमर्स और प्रशासन के बयानों में फर्क से समझिए गड़बड़ी

  • जमीन हस्तांतरण : चैंबर के पदाधिकारी गुलशन डाबर का कहना है कि 10 हजार स्क्वायर फीट की जमीन उन्हें हैंडओवर हुई है। तभी हमने काम शुरू किया। वहीं कलेक्टर एस. विश्वनाथ ने कहा कि जमीन तो नपा की ही रहेगी। हमने वहां सिर्फ झंडा लगाने की अनुमति दी है।
  •  मौके पर काम : चैंबर पदाधिकारी के मुताबिक वहां गार्डन भी बनेगा। ज्यादा जमीन पर समतलीकरण के सवाल पर उनका कहना था कि ऐसा वहां आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए किया जा रहा है। जबकि कलेक्टर ने अपने बयान में गार्डन का नाम नहीं लिया।
  •  मैकेनिकाें का क्या होगा : कलेक्टर का कहना है कि चैंबर को जो जगह दी गई है वह उससे अलग है, जहां मैकेनिक शिफ्ट किए गए हैं। वहीं मौके पर काम वाली जगह वह नहीं है जहां भूमिपूजन किया गया था। वहीं मैकेनिक कह रहे हैं कि उन्हें जबरन हटाया जा रहा है। 

यहां पहले से ही बहुत पार्क हैं, ध्वज तो कहीं भी लग सकता था

भाजपा नेता व पूर्व पार्षद राहुल जैन ने कहा कि यहां अंबेडकर पार्क, डाक बंगला का पार्क, स्वतंत्रता पार्क, पीजी कॉलेज का पार्क, पुराने कलेक्टोरेट का पार्क, न्यायालय का पार्क आदि हैं ही। इनमें से कहीं भी ध्वज तो कहीं भी लग सकता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवसायिक जोन है और यहां पर पार्क बनाने के लिए लैंड यूज चेंज किया गया या नहीं? टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से इसकी अनुमति ली गई या नहीं? सालों से कागजों पर यह जमीन उच्च शिक्षा विभाग के नाम पर है। इसे नपा को कब हस्तांतरित कर दिया गया? यह वह सवाल हैं जिनके जवाब मिलना जरूरी है।

स्टेडियम के मसले पर नपा ने अपनी जमीन मानने से कर दिया था इंकार
हैरानी की बात यह है कि इस जमीन को लेकर 12 साल तक भाजपा और कांग्रेस के बीच जमकर राजनीति हुई। पूर्व सांसद ज्याेतिरादित्य सिंधिया ने यहां स्टेडियम प्लान किया था। नपा यह काम करने वाली थी। तब प्रदेश व नपा में भाजपा का कब्जा था इसलिए प्रोजेक्ट लटक गया। नपा ने कहा कि जमीन उसकी नहीं बल्कि उच्च शिक्षा विभाग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर काम नहीं होने दे रही। इस मुद्दे पर पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया पूरे एक माह तक धरने पर बैठे रहे। इसके बावजूद यहां काम नहीं होने दिया गया।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की याद में लगाया गया पेड़ भी गिरा दिया
काम करने के दौरान वहां एक पेड़ गिर गया। वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल जैन ने कहा कि इसे उन्होंने खुद अपनी हाथों से स्वतंत्रता सेनानी सागर सिंह सिसौदिया की याद में लगाया था। वे पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के दादाजी हैं। हालांकि इस मामले में दावा किया जा रहा है कि पेड़ गिरने की वजह आंधी तूफान थी। दूसरी ओर वहां इसके अलावा कोई दूसरा पेड़ तो क्या उसकी एक शाखा तक नहीं गिरी। यह पेड़ ठीक उसी जगह था जहां समतलीकरण चल रहा है। अशोक नगर से आकाश यादव की रिपोर्ट ब्यूरो चीफ अशोकनगर

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