ग्रामीणों के फर्जी आधार कार्ड से सरकारी योजनाओं के नाम पर लिया लाखों-करोड़ों का लोन

Sulekha kushwaha

Published: 25 Jul 2020, 08:25 AM IST

गांव-गांव तक फैला चिटफंड और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का जाल, फर्जी आधार कार्ड बनाकर निकाल लेते हैं लोन, समूह के माध्यम से लोन दिलाने के नाम पर होता है ठगी का खेल…

शहडोल. शहडोल पुलिस ने शासन की योजनाओं के नाम पर लोन देकर राशि की हेराफेरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में 3 ब्रांच मैनेजर और 10 फील्ड ऑफिसर शामिल हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए की हेराफेरी का खुलासा हुआ है। साथ ही ये भी पता चला है कि ये गैंग अब तक सैकड़ों हजारों लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।

इन कंपनियों के नाम पर की ठगी
आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद एसपी सत्येन्द्र शुक्ला ने बताया कि अभी तक आरोपियों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए की हेराफेरी का खुलासा हुआ है और आगे और भी करोड़ों रुपए का खुलासा होने की उम्मीद है। आरोहण फायनेंस, संहिता, आर बी एल, सोनाटा, एलटीडी, पहल और आशीर्वाद फायनेंस कंपनी की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है। इसी तरह से दूसरी कंपनियों से भी धोखाधड़ी के मामले सामने आ सकते हैं। गिरोह के पकड़े गए सदस्यों के नाम रामस्वरूप,अरविंद,अनिल,सुजीत,राहुल,राजू,सुमित,फहद अहमद,पुष्पेंद्र,हितेश,जय प्रकाश,विकास और शिवांशु गुप्ता हैं।

गांव गांव में फैला है गिरोह का नेटवर्क
शहडोल जिले के आदिवासी अंचल में गांव-गांव में चिटफंड और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने जाल फैला रखा है। दोगुनी राशि और समूह के नाम पर लोन दिलाने का बड़ा खेल चल रहा है। फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी बनाकर ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। पिछले कई सालों में गांव-गांव नेटवर्क बढ़ाते हुए दलालों ने हजारों ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी की है। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन दिलाने के नाम पर आधार और वोटर आइडी कार्ड लेते हैं। एक बार लोन भी दे दिया जाता है। बाद में गिरोह के सदस्य उसी आधार और वोटर आइडी कार्ड का उपयोग करते हुए अलग-अलग तीन से पांच माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन निकाल लेते हैं। इसमें बैंक अधिकारी कर्मचारियों की भी बड़ी सांठगांठ होती है। इस तरह के मामलों के पहले भी खुलासे हो चुके हैं करीब 6 महीने पहले शहडोल पुलिस ने एक गिरोह को भी पकड़ा था जिसके पास से एक हजार के आसपास फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी जब्त हुए थे।

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