मनासा रजिस्टर कार्यालय में चल रहा है गोरखधंधाअपनी कमीशन खोरी के चक्कर में सब रजिस्टार ने रजिस्ट्री के लिए किया इनकार
नीमच कलेक्टर को क्रेता द्वारा की गई शिकायत
आज मनासा तहसील में एक अनोखा मामला सामने आया है सब रजिस्टार ने अपनी कमीशन खोरी के चलते एक रजिस्ट्री को करने से इंकार कर दिया जबकि क्रेता और विक्रेता दोनों के पास सारे डाक्यूमेंट्स और प्रॉपर्टी के सारे कागज लीगल होने के बावजूद सब रजिस्टार ने अपनी कमीशन खोरी के ₹3000 सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा नहीं दीजिए दिए जाने पर सर्विस प्रोवाइडर को डांटा फटकारा और कहा कि कमीशन नहीं देगा तो तेरा लाइसेंस कैंसिल कर दूंगा एक छोटी चूक को सब रजिस्टार ने मुद्दा बनाकर क्रेता और विक्रेता के आपस में लड़ाई झगड़े करवाएं तथा क्रेता को विक्रेता के द्वारा यह कहा गया कि आज अगर रजिस्ट्री हुई तो ठीक नहीं तो आप भूल जाना अब रजिस्ट्री नहीं होगी इधर सब रजिस्टार अपने कमीशन खोरी में कमी ना आए इसलिए सर्विस प्रोवाइडर को सिक्के सुनवाई उसके बावजूद भी सब रजिस्टर का पेट नहीं भरा और रजिस्ट्री करने से इनकार किया आपको बता दें की छोटी सी चूक क्या है छोटी सी चुटिया है की खसरा नकल में स्पेस लाइन जोकि अगर लोक सेवा केंद्र के द्वारा उसको प्रमाणित कर दी जाती है तो वह प्रमाणित हर जगह काम आती है लेकिन सब रजिस्टर को कमीशन नहीं मिलने पर उसने इस बात को आग और हवा दोनों दे दी जबकि सब रजिस्टार के पास पर्सनल आईडी होती है जो गलतियों को सुधारने का काम करती है आईडी से अन्य डाक्यूमेंट्स को अपलोड कर सकता था और गलतियां सुधार सकता था लेकिन उसको तो पैसे की भूख थी पर भड़ास निकालना थी नतीजा यह निकला की जो क्रेता और विक्रेता के बीच में लेनदेन हुआ जो तारीख तय हुई जिस तारीख पर रजिस्ट्री होना चाहिए थी उस तारीख पर नहीं होने पर ₹400000 का क्रेता के द्वारा दिन में ही भुगतान कर दिया था अब सब रजिस्टार की कमीशन खोरी के चक्कर में चार लाख की साईं खाई क्रेता को भुगतना पड़ी क्रेता सब रजिस्टार के सामने गिड़गिड़ा ता रहा और कहा कि सर यह तो छोटी सी चूक है आप इसको सुधार सकते हैं लेकिन उसके दिल में रिश्वतखोरी काशैतान बैठा हुआ था न तो इंसानियत ना मानवता ना समाज सेवा और ना ही अपने पद का नाजायज फायदा उठाते हुए देखा गया क्रेता गिड़गिड़ा रहा लेकिन उसकी रजिस्ट्री नहीं की उसने कहा सर आपको जितने पैसे चाहिए मैं दुआ लेकिन मेरी जुबान का सवाल है लेकिन सब रजिस्टार को चाहिए थे ₹3000 जो कि क्रेता के पास नहीं थे क्रेता ने अपनी पत्नी के एवं जरूरत की चीजों को एवं ब्याज पर पैसे उठाकर प्रॉपर्टी लेना चाहता था क्योंकि कई वर्षों से किराए के मकान में रह रहा था क्रेता को अंदर केबिन में बुलाया जिसका वीडियो अगले समाचार में उल्लेख किया जाएगा 3000 रुपए क्रेता के पास नहीं होने से उसने सब रजिस्टार के सामने हाथ जोड़ें और कहा कि सर थोड़े से कम कर लो लेकिन सर्विस प्रोवाइडर और सब रजिस्टर के बीच में पूर्व में चल रहे एक विवाद को लेकर क्रेता और विक्रेता के ऊपर पूरी कसर निकाल दी और रजिस्ट्री करने से इंकार कर दिया जबकि रजिस्ट्री के साथ संलग्न पूर्व में खरीदी हुई रजिस्ट्री वह वर्तमान में नामांतरण हुए खसरा नकल b1 वह सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा बनाई हुई रजिस्ट्री और गाइडलाइन से और मार्केट वैल्यू के अनुसार स्टांप ड्यूटी होने के बावजूद भी सब रजिस्ट्रार ने अपनी खुन्नस क्रेता और विक्रेता के माथे डाल दी और एक छोटी सी चूक की सजा क्रेता और विक्रेता को भुगतना पड़ी अगर इसी तरीके से रजिस्ट्री होती है या होती रही और होती रहेंगी तो रजिस्ट्री पर से आम जनता शासन प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा क्रेता ने कलेक्टर महोदय को इस सारी जानकारी से अवगत कराया और संबंधित सारे डाक्यूमेंट्स कलेक्टर महोदय को व्हाट्सएप के जरिए डालें अब देखना यह है कि यह रजिस्ट्री क्रेता को कितने में पढ़ती है और यह कमीशन खोरी कब तक चलती रहेंगी यह संविधान के अनुसार क्रेता को न्याय मिलेगा या नहीं मिलेगा यह दूर की बात है पर उच्च अधिकारी इस पर कार्यवाही करते हैं या नहीं करते हैं यह देखना है

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.