मां ऐसी भी क्या मजबूरी चादर में लपेट कर दो कार्टून में बंद कर बालिका को नदी किनारे छोड़

मां ऐसी भी क्या मजबूरी…:चादर में लपेटकर 2 कार्टन में बंदकर बालिका को नदी किनारे छोड़ा

अशोकनगर4 घंटे पहले

  • भैंस चराने गए युवक ने पुलिस को दी सूचना, 1 महीने पहले अस्पताल के गेट पर मिला था नवजात

ये क्या हो गया… मैं तो अपनी मां की काेख में 9 महीने से बड़े लाड़ प्यार से पल रही थी। मां मेरी हर हरकत पर हंसती थी। मुझे बस उस दिन का इंतजार था जब मैं मां की कोख से बाहर आऊं। आज वो दिन भी आ गया, मुझे बाहर की दुनिया देखनी थी..मुझे ये क्या हो गया। मां-पापा तुम कहां हो? मेरा कपड़े और कार्टून में दम घुट रहा है। क्या मेरी लड़की होने की सजा आप मुझे यूं देंगे? ये दर्द उस नवजात का है जिसे भादौन नदी किनारे 2 कार्टून और कपड़े से लपेट कर उसके घर वाले छोड़ गए। नवजात के इस दर्द को भास्कर ने अपने शब्दों में पिरोकर समाज की इस संवेदनशीलता से आपको रुबरु कराने की कोशिश की है। मामला भादौन नदी से जुड़ा है। असल में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सुखवीर पुत्र लालाराम चंदेल भैंस चराने के लिए जा रहा था। तभी नदी के किनारे डले कार्टून पर उसकी नजर पड़ी, जिसे उसने लकड़ी से खोलने का प्रयास किया। जिसके अंदर एक छोटा कार्टून ओर मिला। उसे भी जब खोला तो उसमें साड़ी, चद्दर और पेटीकोट से लिपटा नवजात का शव था। जिसकी सूचना उसने भादौन चौकी को दी, लेकिन घटना स्थल देहात में लगता था। इस पर एएसआई भरत घटनास्थल पर पहुंचे और जिला अस्पताल नवजात के शव को लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर्स ने जब चेक किया तो नवजात बालिका थी। उल्लेखनीय है कि ये कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी नवजात का शव अस्पताल के गेट पर मिला था। अशोक नगर से आकाश यादव की रिपोर्ट ब्यूरो चीफ अशोकनगर आकाश यादव

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