महिलाओं के सम्मान में जेल जाने को भी तैयार-पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस

बुरहानपुर। प्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बुरहानपुर के नेपानगर में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को मौन धारण कर काले झंडे दिखाकर विरोध किए जाने के मामले में पूर्व मंत्री श्रीमती चिटनिस, नेपानगर विधानसभा उपचुनाव प्रभारी श्री गोपीकृष्ण नेमा, जिलाध्यक्ष मनोज लधवे एवं नेपानगर नगर पालिका अध्यक्ष राजेश चौहान एवं नरहरि दीक्षित सहित 38 कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की गई।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं अनुसूचित जाति में जन्म लेने वाली महिला को एक पूर्व मुख्यमंत्री चौराहे पर, सार्वजनिक तौर पर इस प्रकार प्रताडि़त करेगा, अपमानित करेगा? और वह व्यक्ति हमारे जिले में आएंगे तो हम उसका विरोध नहीं करेंगे किया? हम महिलाओं के सम्मान में जेल जाने को भी तैयार है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि एक ऐसा व्यक्ति जो माँ, बहन और बेटी का सम्मान न करें, वह किसी भी पद पर रहने लायक नहीं है! न इनके मन में बेटियों के लिए सम्मान का भाव है, न गरीबों के लिए और न ही किसानों के लिए!
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरतीदेवी के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी एवं कांग्रेस के महिला विरोधी निकृष्ट बयानों के विरूद्ध पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को नेपानगर में काले झंडे दिखाकर विरोध किया गया था।
पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश का नेतृत्व करने वाले जवाबदार नेता की अगर ऐसी सोच होगी तो यह अपने कार्यकर्ताओं को क्या प्रेरणा दे रहे है? आम आदमी के सामने क्या उदाहरण प्रस्तुत कर रहे है? कमलनाथ जी की राजनैतिक बौखलाहट के चलते मध्यप्रदेश की बहन, बेटियां अपना अपमान क्यों बर्दाश्त करें? एक महिला की गरिमा, इज्जत और महिमा को, प्रतिष्ठा को इस प्रकार चौराहों पर तार-तार करोंगे ओर देश व प्रदेश उसे सहन करेगा?
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि कमलनाथ जी ने एक ऐसी महिला के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाई जिसने एक मजदूर के रूप में संघर्ष करते हुए मंत्री के पद तक का सफर तय किया है। यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमंते तत्र देवताः के देश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने बहन इमरती देवी पर अमर्यादित टिप्पणी की। ऐसा नहीं है कि यह उनके मुंह से अनायास निकल गया है, बल्कि टिप्पणी के बाद वे अट्टहास कर रहे हैं, आनंद ले रहे हैं। हमें लगा कि कमलनाथ जी अपने बयान पर खेद प्रकट करेंगे लेकिन उन्हें तो अपने शब्दों पर गर्व है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने यह माना है कि कमलनाथ जी ने गलती की है। कमलनाथ जी तो इतने दंभी और अहंकारी हैं कि निर्लज्जता की सारी सीमाएँ तोड़ते हुए यह कहते हुए घूम रहे हैं कि माफी नहीं मांगेंगे!
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि एक तरफ नवरात्र में लोग देवी माँ की उपासना करते हैं, वहीं दूसरी ओर कमलनाथ जी देवी तुल्य महिलाओं का खुलेआम अपमान करते हैं। कमलनाथ जी, याद रखिये, यह वो धरती है जहाँ महिलाओं का अपमान करने वाले वंश समेत नष्ट हो गए।

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