1 जनवरी 2021 तक ज़िले को करें कुपोषण मुक्त- संभागायुक्त कवींद्र कियावत

DG NEWS SEHORE

सीहोर से सुरेश मालवीय की रिपोर्ट

सीहोर 23 अक्टूबर,2020

शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत ने महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग की बैठक ली। बैठक में कमिश्नर कियावत ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण बच्चों के नियमित टीकाकरण व गर्भवती माताओं के पंजीयन व टीकाकरण की गति धीमी हो गई थी । जिसे अब दोबारा तेज़ गति से कार्य करते हुए लक्ष्य पूर्ण करना है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस संबंध में दोनों विभाग ब्लॉक स्तर तक के अमले के साथ बैठक करके सर्वे का कार्य 31 अक्टूबर तक पूर्ण कर ले। इस दौरान अभियान चलाकर पंजीयन का कार्य करना है। बच्चों के टीकाकरण के साथ-साथ कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन भी करना होगा। महिला बाल विकास विभाग का ये दयित्व होगा कि सर्वे के दौरान लाडली लक्ष्मी योजना एवं प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र हितग्राहियों को ढूंढकर उनके आवेदन सेक्टर सुपरवाईजर की स्क्रूटिनी उपरांत स्वीकृत करें। और 7 नवंबर तक इन योजनाओं के प्रमाण पत्र हितग्राहियों को प्रदान करें। कुपोषित बच्चों को चिन्हित करके उन्हें सही पोषण उपलब्ध कराकर शीघ्र बच्चों की सेहत में परिवर्तन लाने का लक्ष्य पूरी ईमानदारी से तय करना होगा। कियावत ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि हर ब्लॉक में कम से कम 10 डेलिवरी पॉइंट बनाने होंगे। लोगों को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित भी करना होगा।  नवंबर की 10 तारीख तक सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों की साफ सफाई, रंग रोगन, उपकरणों का दुरुस्तीकरण आदि जैसे कार्य पूर्ण करने होंगे। साथ ही उन्होंने डी पी एम को निर्देश दिए कि उपस्वस्थ्य केंद्रों पर एएनएम  की उपस्थिति के लिए वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जांच की जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्वास्थ्य विभाग के अमले का मुख्यालय पर निवास करना इस अभियान की सफलता के लिए सबसे आवश्यक है। कमिश्नर कवींद्र कियावत ने महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए है । कि सीहोर जिले में कोविड के कारण गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन और  जांच तथा बच्चो का समूर्ण टीकाकरण सहित कुपोषित बच्चों की पहचान 10 नवम्बर तक पूरी कर ले । उन्होंने एक जनवरी 2021 तक सीहोर जिले को कुपोषण मुक्त और शतप्रतिशत संस्थागत प्रतिशत जिला बनाने के लिए भी कहा है।सीहोर जिला पंचायत सभागार में सम्पन्न बैठक में कलेक्टर अजय गुप्ता सहित महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के सम्भाग तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे । कियावत ने निर्देश दिए है कि कोविड के कारण मरीजों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के लिए आना कम हुआ है और गरीबो को झोलाछाप डॉक्टर पर निर्भर रहना पड़ रहा है।उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और स्वास्थ विभाग की टीम बनाकर इन डॉक्टर्स की दुकानों को सील करें। उन्होंने सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाई सहित सुव्यवस्थित व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे ग्रामीण और गरीबो को उपचार मिल सकें।  बैठक में कलेक्टर अजय गुप्ता, ज़िला पंचायत सीइओ हर्ष सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। 

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