झाबुआ-साइबर क्राइम:साइबर धोखाधड़ी कर खाते से 19 हजार रुपए ट्रांसफर किए, पुलिस ने रुकवाया ट्रांजेक्शन

संवाददाता – कालु डोडियार

-जिले में लगातार बढ़ रही इस तरह की घटनाएं, पिछले दिनों एक व्यापारी से दो लाख ठगे

साइबर ठगों की धोखाधड़ी के शिकार हुए एक युवक के 19 हजार रुपए पुलिस की मदद से बच गए। एक महीने पहले ठगे गए रुपए का ट्रांजेक्शन पुलिस की मदद से रुकवाया गया। पैसा वापस आवेदक के खाते में आ गया। इसमें साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन इसी तरह के एक दूसारे मामले में ठगों ने शहर के व्यापारी के खाते से साइबर ठगी करके 2 लाख रुपए निकाल लिए गए। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए व्यापारी परेशान हो रहे हैं।

पहले जो बच गए उनकी बात

पहले बात करते हैं, जिस युवक के पैसे बच गए। रवि द्विवेदी ने शिकायती आवेदन दिया था। इसमें उन्होंने बताया, फोन पर कॉल कर धोखाधड़ी कर अज्ञात लोगों ने खाते से 19,999 रुपए निकाल लिए। आवेदन मिलने पर एसपी आशुतोष गुप्ता ने साइबर सेल से फौरन कार्रवाई के लिए कहा। साइबर सेल को मिले तथ्यों के आधार पर संबंधित नोडल अधिकारियों को मेल किए और फोन पर उनसे चर्चा की गई।

उनसे ट्रांजेक्शन को रोकने एवं राशि को रिफंड करने के लिए कहा गया। संबंधित नोडल अधिकारी ने भी तत्परता से काम किया और अब रवि के खाते में 19 हजार 48 रुपए वापस आ गए। इस कार्रवाई में साइबर सेल के आरक्षक मंगलेश पाटीदार, महेश प्रजापति, संदीप बघेल ने सराहनीय भूमिका निभाई। एसपी ने इस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की।

अब जो ठगे गए उनकी बात

अब दूसरे मामले की बात की जाए। शहर के एक व्यापारी के फोन पर इसी तरह की ठगी करने वालों का कॉल आया। वो उनकी बातो में आ गए और एटीएम से संबंधित जानकारी दे दी। कुछ दिन में उनके खाते से 1. 99 लाख रुपए से ज्यादा निकाल लिए गए। अगले दिन उन्होंने बैंक जाकर खाते से निकासी रुकवाई। इसके बाद से व्यापारी पुलिस के चक्कर काट रहे हैं।

व्यापारी ने बताया ठगे जाने के बाद भी उसी नंबर से फोन आते रहे। जब पैसे खाते से चले गए, उसके बाद भी वो फोन कर एटीएम की जानकारी मांगते रहे। इंकार करने पर अभद्र भाषा का उपयोग किया। धमकाया भी कि जो हो सकता है कर लो। एफआईआर के लिए कई बार चक्कर लगाए। उन्होंने साइबर सेल इंदौर तक संपर्क किया। बोले, पैसा मिलने की उम्मीद तो नहीं है, लेकिन आगे से कोई इनके चक्कर में नहीं आए।

बैंक कभी फोन पर एटीएम या खाते की जानकारी नहीं पूछती

बार-बार मोबाइल पर मैसेज आते हैं, पुलिस ने कई बार ये समझाइश दी और बैंक वाले भी समझाते हैं कि कॉल पर अपने एटीएम या खाते से संबंधित जानकारी किसी को न दें। बैंक कभी फोन पर ये जानकारी नहीं पूछती बावजूद अक्सर इस तरह की ठगी के शिकार सामने आ जाते हैं। अगर आप मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो फोन भी संभालकर रखें और पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें। अपने सोशल मीडिया अकाउंट काे लेकर भी इसी तरह की सावधानी जरूरी है।

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