बीती रात संतनगर में हुई युवक की हत्या

परिजनों ने कहा- किसी भी थाने में आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, गुंडा नहीं था हमारा बेटा

मामला बीती रात संतनगर में हुई युवक की हत्या का

उज्जैन: बीती रात चार बदमाशों ने संत नगर में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। उसके दो दोस्तों को भी चाकू लगे जो अस्पताल में भर्ती हैं। मृतक के परिजनों ने कहा कि उसका किसी से विवाद नहीं था, किसी थाने में आपराधिक रिकार्ड भी नहीं है, लेकिन गुंडों की दोस्ती का खामियाजा उसे जान देकर चुकाना पड़ा। माधव नगर पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास के नामजद प्रकरण दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किये हैं।

सौरभ पिता रतनलाल सिसौदिया 17 वर्ष निवासी बागपुरा अपने भाई राहुल और दोस्त देवेन्द्र उर्फ मोनू पिता सुरेशचंद्र बैड़वा 20 वर्ष निवासी बागपुरा के साथ संत नगर चौराहे पर बाइक से पहुंचा। यहां बाबू लश्करी निवासी मोहन नगर, बाला प्रजापति निवासी आगर रोड़, मयंक उर्फ मंडप शर्मा निवासी ढांचा भवन और सूरज नरवले निवासी मालनवासा से उनका आमना सामना
हुआ। दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद को लेकर गाली गलौज शुरू हुई जो चाकूबाजी में बदल गई। दूसरे पक्ष ने जान से मारने की नीयत से सौरभ, राहुल व देवेन्द्र पर हमला बोला जिसमें देवेन्द्र उर्फ मोनू की मौत हो गई जबकि सौरभ और राहुल घायल हो गये।

8 माह पहले जेल के बाहर हुई थी मारपीट
माधव नगर पुलिस ने बाबू लश्करी, बाला प्रजापति, मयंक शर्मा, सूरज नरवले के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास सहित अजाक अधिनियम के तहत भी प्रकरण दर्ज किया है। माधव नगर टीआई दिनेश प्रजापति ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 8 माह पहले बाबू लश्करी जेल में बंद था जिससे मिलने बाला प्रजापति जेल गया था जबकि इसी समय हेमंत बोखला से जेल में मिलने राहुल गया था। यहीं पर दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर महासुनी के बाद मारपीट हुई थी और विवाद चला आ रहा था। टीआई प्रजापति के अनुसार दूसरी कहानी राहुल की बहन को लेकर भी सामने आई है, लेकिन इसकी अब तक पुष्टि नहीं हुई है।

केटरिंग का काम करता था मोनू
मृतक मोनू के बड़े भाई नरेन्द्र ने बताया कि मोनू केटरिंग का काम करता था। शुक्रवार रात उसने घर से जाकेट उठाई और कुछ देर में आने का कहकर बाइक से निकला, लेकिन कुछ देर बाद उसकी हत्या की सूचना घर पर मिली। नरेन्द्र ने बताया कि मोनू न तो शराब पीता था और न ही उसका किसी भी थाने में आपराधिक रिकार्ड है बावजूद इसके पुलिस ने उनकी तुरंत फरियाद नहीं सुनी।

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