शिव शासन कार्यकाल में हुए बेशकीमती शासकीय भूमि पर अतिक्रमण शिकायतें लंबितस्थिति ज्यों की त्यों बरकरारऔर अधिकारी पी रहे हैं कंबल ओढ़ कर घी

नीमच निप्र करण नीमा बाबा
हां दोस्तों मैं बात करने जा रहा हूं एमपी के नीमच जिले में नीमच महू राज्य मार्ग पर शहर से कुछ ही दूरी पर ग्राम पंचायत जमुनिया कला की जो पूर्व मैं भी समाचार पत्र सुर्ख़ियो और विभागों में हलचल बनी हुई रही है
वैसे तो यहां
अतिक्रमणओं का होगा सिलसिला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से ही बड़ा जोर शोर पर चल रहा है और इसकी शिकायतें भी मुख्यमंत्री द्वारा ही चलाई गई मुहिम जनसुनवाई अभियान एवं सी एम हेल्पलाइन में की गई लेकिन स्थिति ज्यौ कि त्यौ बरकरार है इसी विभागीय निठल्ले पन के कारण जिला कलेक्टर कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं कई सवाल
इसी को देखते हुए अतिक्रमण कर्ताओं के हौसले होते जा रहे हैं बुलंद

कार्यवाही के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है उदाहरण के तौर पर बताने जा रहा हूं इसी ग्राम पंचायत जमुनिया कला के हल्का नंबर 11की
जहां पर बैश कीमती बहुमूल्य 45 नंबर आम रास्ता जा रहा है उसी से लगा 56 की भूमि जिसका वर्तमान में कुछ ही समय पहले नीमच के उद्योगपति धानुका इंटेंशन प्राइवेट लिमिटेड मिल के मालिक द्वारा किया गया जिसने अपनी निर्धारित सीमा को छोड़ कर आम बहुमूल्य शासकीय रास्ते पर अपने सीमेंट पोल खंबे की दीवारें खड़ी करवा कर अपना अतिक्रमण करना चाहा परंतु जागरूक ग्रामीणों की शिकायत के बाद एवं एक मोबाइल एप्स से समाचार प्रकाशन के बाद मामला जहां का तहां रुक तो गया परंतु विभागीय अधिकारी अपना उचित निर्णय लेने में आज भी असमर्थ है वैसे तो 45 नंबर उस आम रास्ते पर एक नहीं कहीं अतिक्रमण करता है विनय विभाग द्वारा नोटिस भी दिया गया है परंतु लगता है अधिकारियों की पक्षपात वाली सोच के करण अतिक्रमण करता भी अंगद का पांव जमाए बैठे हैं उनका कहना है यदि विभाग द्वारा अपने कार्य के प्रति निष्ठावान देते हुए बिना पक्षपात के अगर कोई अधिकारी अतिक्रमण मुक्त करवाना चाहता है तो हम सब उस निष्पक्ष भाव से सहमत हैं अब सोचने वाली बात यह है की क्यो हाथ पर हाथ धरे बैठा है विभाग इससे यह साबित होता है शिवराज शासनकाल में अधिकारी वर्ग खोफ अपना भ्रष्टाचार का गोरख धंधा जमाए हुए हैं और प्रशासन और शासन इस भ्रष्टाचार में तगड़ा गठबंधन मिलीभगत और सांठगांठ

Leave a Reply