संकल्प दिवस मनाया गया 60 वर्ष पूर्व 6 नवंबर 1960 को आधुनिक भारत के निर्माता प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हैवी इलेक्ट्रिकल्स द्वारा निर्मित प्रथम ट्रांसफार्मर का उद्घाटन कर भेल को राष्ट्र के नाम समर्पित किया था।

भेल इंटक के अध्यक्ष आर डी त्रिपाठी जी की उपस्थिति में हेम्टू इंटक द्वारा 6 नवंबर को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया।इस अवसर पर हेम्टू इंटक यूनियन द्वारा यह संकल्प लिया गया की जब तक भेल कर्मियो की समस्त आर्थिक समस्याओ का निराकरण नहीं किया जाता तब तक हेम्टू इंटक करचरियो के माध्यम सेआन्दोलन करती रहेगी।


60 वर्ष पूर्व 6 नवंबर 1960 को आधुनिक भारत के निर्माता प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हैवी इलेक्ट्रिकल्स द्वारा निर्मित प्रथम ट्रांसफार्मर का उद्घाटन कर भेल को राष्ट्र के नाम समर्पित किया था।

वर्तमान में भेल ने कई कीर्तिमान स्थापित किये।आज भेल द्वारा देश में 80 प्रतिशत बिजली प्रदान की जाती है।आज भेल का विस्व के 70 देशो में कारोबार फैला हुआ है।

भेल इंटक अध्यक्ष आर डी त्रिपाठी जी ने कहा की भेल उच्च प्रबंधन द्वारा कोरोना नामक महामारी की आड़ में कर्मचारियों के डीए, पर्क में अघोषित कटौती की जा रही है।दीपावली को मिलने वाले बोनस के सम्बन्ध में प्रबंधन द्वारा बेमन से मीटिंग बुलाई गई है जिसमे प्रबंधन की उदासीनता दिख रही है।रिवॉर्ड स्कीम भेल भोपाल के उत्पादन उत्पादकता को बढ़ाने के लिए लाइफ लाइन जीवन रेखा का काम करती है।

त्रिपाठी जी ने कहा की इस स्कीम को शीघ्र प्रारंभ किया जाये। इंटक अध्यक्ष त्रिपाठी जी ने कहा की भेल की जमीनों पर आये दिन अतिक्रमण हो रहा है जिसे देखने वाला कोई नहीं है।परंतु कोई भेल का रिटायर्ड कर्मी भेल के मकान में रह रहा है तो उससे खाली करवाने की बात की जाती है।आज भेल की जमीन को साकेत पैटर्न पर भेल कर्मियो को आबंटित कर उन्हें मालिकाना हक दिया जाये।
इंटक के कोषाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने कहा की कार्पोरेट प्रबंधन दिल्ली में बैठकर केवल कर्मचारियों की सैलरी की कटौती के बारे में सोचता है।उच्च प्रबंधन को यह सोचना चाहिए की भेल को कैसे आगे बाढाया जाये।

मंच का संचालन इंटक यूनियन के वरिस्ट उपाध्यक्ष गौतम मोरे ने किया।गौतम मोरे ने कहा की वर्तमान केंद्र सरकार श्रमविरोधी मजदूर विरोधी सरकार है।सरकार की कुनीतियों के कारण भेल जैसे पब्लिक सेक्टर बर्बाद हो रहे है।
मध्य प्रदेश यूथ इंटक अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी ने कहा की 60 हजार करोड़ का उत्पादन देने वाला कारखाना आज नीचे जा रहा है।वही वर्करों के आर्थिक हितो में आये दिन कटौतियां की जा रही है जिसकी वजह से नए कर्मचारियों को परिवार चलाना मुश्किल पड़ रहा है।अतः अतिशीघ्र कर्मचारियों के वेतन में की जा रही कटौतियों को बंद कर भुगतान किया जाये।
त्रिपाठी जी ने कहा की सीएमडी एवं डायरेक्टर एच आर को भेल की चारो बड़ी इकाइयों में तीन दिवसीय दौर करना चाहिए।और इन इकाइयों की समस्या एवं कारखाना कैसे आगे बढ़ाया जाये इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।कठिन एवं मुसीबत के समय में ही किसी भी क्षेत्र में डायनामिक लीडरशिप पैदा होती है।
संकल्प दिवस के अवसर पर सैकड़ो की संख्या में इंटक पदाधिकारी एवं भेल कर्मचारी उपस्थित हुए।

जिसमे उपाध्यक्ष गौतम मोरे ,कोषाध्यक्ष राजेश शुक्ला, यूथ इंटक अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी मिडिया प्रभारी सी आर नामदेव, सुनील महाले, आर के हुरडे ,धर्मेन्द्र अवस्थी, सी ऍम साहू ,टी आर बाटक्या ,फजल खान ,इक़बाल खान ,बाबू सिंह, रामालिंगम ,संतोष सिंह ,प्रदीप मालवीया, सुशील सपकाल, हितेन्द्र हुरडे, तपन सरकार ,वीरेंद्र रायकवार ,मनोज चौकसे, सतेंद्र शर्मा, रणजीत चंद्रावत, ललित रायचंदानी ,कंचन कुजूर, सुरेश मेहरा, मनोज राय, विजेंद्र नाग, अजीत गोंड, बुद्धमान सिन्हा, राहुल भदोरिया, जितेंद्र मालवीया, राजदीप, मदन पाण्डेय, संजय, रणजीत रजक, रामलाल महरा, विजय नीलकंठ ,आदि सैकड़ो की संख्या में कर्मचारी उपस्थित हुए।

संपादक नीलेश सोनी भोपाल

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