औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी की फैक्ट्रियों से लगातार छोड़ा जा रहा केमिकल वाला जहरीला पानी।यही कारण है कि राजगढ़ जिले में कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है।

DG NEWS RAJGARH

राजगढ़ से कल्पना कीर की रिपोर्ट

राजगढ़, नरसिंहगढ़ । औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी
मामला पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र का है जहां पर ओसवाल, विंध्याचल और भोपाल ग्लूज लिमिटेड कंपनियों के द्वारा नदी में केमिकल वाला पानी छोड़ा जा रहा है यह सिलसिला रोज शाम 6:00 बजे से सुबह तक जारी रहता है। जब कभी इन कंपनियों से बात की जाती है तो यह कंपनियां दावा करती हैं कि हमारी फैक्ट्री का पानी कहीं नहीं जाता वहीं जब रिपोर्टर द्वारा इसकी कवरेज की गई तो पता चला कंपनियों के द्वारा अंडरग्राउंड पाइप लाइन डाली गई है जिसके द्वारा यह पानी नदियों में बहा दिया जाता है यह राज जब खुला जब विंध्याचल कंपनी की फैक्ट्री से निकला हुआ गंदे पानी का पाइप टूटा हुआ मिला वही विंध्याचल कंपनी द्वारा पानी निकासी के लिए बने नाले की पुलिया के नीचे एक गहरा गड्ढा खोद रखा है जहां लोग सोच कर भी नहीं जा सकते । वही भोपाल ग्लूज लिमिटेड कंपनी के द्वारा बाउंड्री वॉल के सहारे बड़े तरीके से यह जहरीला पानी यूं ही जमीन में छोड़ा जा रहा है वहां बाउंड्री वॉल के सहारे लगभग 13 फीट चौड़ाई में एक ही प्रजाति के कई पेड़ लगाए गए हैं उन पेड़ों को पानी देने के बहाने गंदा केमिकल वाला पानी छोड़ा जा रहा है शायद हो सकता है की वह पौधों की प्रजाति यह सब सहन कर ले लेकिन दूसरे पौधे इस जहरीले पानी को सहन नहीं कर सकते वही फैक्ट्रियों से निकला पानी जमीन में यूं ही छोड़ दिया जाता है इसकी वजह से दूर दूर तक पीने को पानी भी नसीब नहीं होता और तो और क्षेत्र में पैदा हुई फसलें भी किस प्रकार की हो कहा नहीं जा सकता। जब ग्रामीणों से पानी के बारे में पूछताछ की गई तो ग्रामीणों ने बताया कि हमारे द्वारा कई दफा शिकायत कर दी गई है लेकिन अधिकारी आते हैं कंपनी में जाते हैं और वापस लौट जाते हैं क्योंकि उन्हें उनके मन मुताबिक पैसा मिल जाता है ग्रामीणों के द्वारा एसडीएम कलेक्टर और न जाने कहां-कहां शिकायत कर रखी है वहीं जब प्रदूषण विभाग गुना से टीम आती है तो वह कंपनी में जाती है और वापस आ जाती है ना आसपास की जांच की जाती है ना कोई सैंपल लिए जाते हैं इस वजह से हमारी कई बीघा जमीन अब खराब हो चुकी है क्योंकि इस जहरीले पानी की वजह से ना तो हमारी फसल ठीक हो पाती है और ना ही जमीन अब सुरक्षित बची है।
कंपनियों के द्वारा कई सरकारी जमीनों पर कब्जा किया हुआ है लेकिन प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं। औद्योगिक क्षेत्र की नामी कंपनियों ने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया हुआ है और कई सरकारी जमीनों की गलत तरीके से रजिस्ट्री तक करा ली है जबकि आज भी मिसल बंदोबस्त में वह जमीनें सरकार के नाम दर्ज हैं । कई सालों से ग्रामीणों की शिकायतों पर ध्यान ना देने से प्रशासन भी है शक के घेरे में जब ग्रामीणों द्वारा कई दफा शिकायत कर दी गई तब भी प्रशासन क्यों चुप्पी बांधे बैठा है?
क्यों लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? वही पीलूखेड़ी क्षेत्र में एक निगरानी समिति भी बनाई गई है लेकिन वह निगरानी समिति सिर्फ और सिर्फ नाम की है सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि यह कंपनी से पैसे लेती है और चुप हो जाती है । और तो और कंपनियों के अंदर न जाने कितने हादसे होकर दब जाते हैं किसी को भनक भी नहीं लगती वहीं औद्योगिक क्षेत्र से जो चैरिटी का पैसा मिलता है उसका उपयोग भी न जाने कहां होता है? क्योंकि कई सुविधाओं से अब ग्रामीण वंचित हैं वहीं 90 प्रतिशत आबादी बाहरी है वहीं जो ग्रामीण क्षेत्र के लोग हैं आज वह मोहताज है क्योंकि उनकी जमीन अब पहले जैसी नहीं रही वही दिन-ब-दिन प्रदूषण के चलते सब खत्म होता नजर आ रहा है। राजगढ़ में बढ़ रहे कैंसर मरीजों के लिए यह जांच का विषय है कि जो पानी वह पी रहे हैं क्या वह सुरक्षित है क्या औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी से जहरीले पानी का रिसाव अंदर ही अंदर लोगों की जान ले रहा है।

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