अंबेडकर प्रतिमा प्रकरण में फिर कानूनी पेंच फंसा, अब कलेक्टर के पाले में गेंद

अंबेडकर प्रतिमा प्रकरण में फिर कानूनी पेंच फंसा, अबकलेक्टर के पाले में गेंद

उज्जैन/नागदा, 13 नवम्बर जिले के औद्योगिक नगर नागदा में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार लगाने के एक बहुचर्चित विवाद प्रकरण मेंं एक बार फिर कानूनी पेंच फंस गया है। कलेक्टर के पाले में अब गेंद है। कलेक्टर न्यायालय में एक आवेदन का निराकरण होगा, उसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। कलेक्टर के समक्ष 24 नवम्बर तक आवेदन का निराकरण होना है। एसडीएम न्यायालय में यह नया मोड़ प्रकरण के आवेदक अभय चौपड़ा निवासी नागदा के एक आवेदन पर आया है।

एसडीएम न्यायालय में यह प्रकरण अभय चौपड़ा एवं नपा नागदा के बीच है। इसी दौरान इस प्रकरण में चौपड़ा ने एक आवेदन एसडीएम आशुतोष गोस्वामी की न्यायालय में प्रस्तुत कर यह मसला उठाया कि नागदा एसडीएम के पास वर्तमान में नपा नागदा के प्रशासक का भी अतिरिक्त प्रभार है। अंबेडकर प्रतिमा विवाद नपा से जुड़ा है, ऐसी स्थिति में बतौर प्रशासक एसडीएम प्रकरण में सुनवाई करें यह न्यायसंगत नहीं है। ऐसी स्थिति में चौपड़ा ने प्रकरण को कलेक्टर न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। एसडीएम न्यायालय ने बहस के बाद आवेदक को कलेक्टर से इस मामले में अनुमति लेने का निर्देश भी दे दिया है।

प्रकरण के मुख्य किरदार अभय चौपड़ा ने शुक्रवार हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि अंबेडकर प्रकरण वर्तमान में एसडीएम न्यायालय में चल रहा है। उन्होंने एक आवेदन के माध्यम से कलेक्टर उज्जैन के न्यायालय में प्रकरण को स्थानांतरित करने का मसला इसलिए उठाया कि वर्तमान में एसडीएम के पद पर पदस्थ आशुतोष गोस्वामी के पास नपा प्रशासक का भी पदभार है। यह विवाद नपा से जुड़ा है इसलिए एसडीएम का निर्णय न्याय संगत नहीं होगा। चौपड़ा के मुताबिक एसडीएम ने आवेदन पर सुनवाई के बाद 24 नवंबर तक कलेक्टर न्यायालय में कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। इसलिए वे अब कलेक्टर न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर के निर्णय के बाद यह तय होगा कि सुनवाई आखिर कौन करेगा।

यह है विवाद

मामला यह हैकि नपा नागदा ने शहर के मध्य एक स्थान पर अंबेडकर प्रतिमा लगाने का निर्णय लिया है। अभय चौपड़ा का कहना है कि वे अंबेडकर प्रतिमा लगाने के पक्षधर है लेकिन नपा नागदा प्रतिमा को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक लगाए।

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