पत्रकार सिर्फ लिखें और दिखायें…

पत्रकार सिर्फ लिखें और दिखायें…
बीते कई माह से यह देखा जा रहा है कि कुछ लोग सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया पर ही खबरें पोस्ट कर रहे हैं, जबकि वह किसी न किसी अधिकृत संस्थान के प्रतिनिधि हैं और पत्रकार का तमगा लटकाए घूम भी रहे हैं। ऐसे ही कुछ लोग यूट्यूब चैनल सहित समाचार पत्रों के नाम से माईक आईडी लेकर धड़ल्ले से बाजार में खबरें बना रहे हैं, पर यह खबरें कहाँ किस अखबार या चैनल सहित न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित प्रसारित होती हैं यह किसी को नहीं पता। कई लोग तो ऐसे हैं जिनकी आज तक कोई खबरें उनके अधिकृत संस्थानों में नहीं देखी जा सकी या फिर वह अनाधिकृत रूपसे बिना संस्थान पंजीयन के निरंतर कार्य कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी संस्थान द्वारा नियुक्त व्यक्ति उस संस्थान के लिए बतौर प्रतिनिधि कार्य करता है, तात्कालिक सूचनाओं को छोड़कर उसका दायित्व है कि वह अपने संस्थान में खबरें संकलन कर प्रेषित करे लेकिन कुछ लोग महज सोशल मीडिया पर ही अपनी पत्रकारिता दिखा रहे हैं, न तो इनकी खबरें अखबारों में प्रकाशित हो रही हैं और न किसी संस्थान में प्रसारित, ऐसे ही कुछ लोग जिले के नागरिकों की छवि धूमिल करने का प्रयास भी कर रहे हैं, आप यह समझ लीजिए कि सोशल मीडिया में बिना किसी संस्थान के नाम खबरें पोस्ट करने वाला पत्रकार नहीं हो सकता जब तक कि वह विस्तृत रूपसे से खबर बनाकर उसे अपने संस्थान में स्थान न दे। यही नहीं कुछ समय से सोशल मीडिया पर ही डराने धमकाने का खेल चल रहा है, खुलासे, धरना, आंदोलन की धमकियां देकर बड़े खुलासे का हवाला दिया जा रहा है पर यह खुलासे कहाँ हो रहे हैं यह कोई नहीं जानता। जिले के आलाधिकारियों से अपेक्षा है कि जिले में फर्जी रूपसे बिना पंजीयन के काम करने वाले तथाकथित अखबारों, यूट्यूब चैनल, पोर्टल पर कार्रवाई की जावे और भोले भाले बेरोजगार युवकों को पत्रकारिता के नाम पर ठगी करने वालों पर भी कार्रवाई की जावे। जानकारी के मुताबिक ऐसे लोग स्वार्थ के वशीभूत होकर चंद पैसों की लालच में धन उगाही का माध्यम पत्रकारिता को बनाये हुये हैं जिससे निश्चित तौर पर पत्रकारिता करने वालों की मुश्किल बढ़ी हैं और अधिकारी वर्ग सहित आम जनमानस का विश्वास पत्रकारिता पर कम हुआ है। कुछ लोग पत्रकार सिर्फ इसलिए बने हैं कि उनके अवैध व्यापार चलते रहे और वह इसकी आड़ में झाड़ काटते रहें, ऐसे लोगों का सामूहिक बहिष्कार अत्यंत जरूरी है। यह भी देखा जा रहा है कुछ व्यक्ति जिले के बेरोजगार युवाओं को संरक्षण देकर, पत्रकार बनाकर उनसे अवैध वसूली करा रहे हैं जबकि ऐसे लोगों को चाहिए कि वह युवाओं को पत्रकारिता की सही समझ और जानकारी उपलब्ध कराएं, खबरें लिखना बनाना सिखाएं लेकिन इन बातों के इतर भोले भाले युवाओं को ब्लैकमेलिंग और ठगी सिखाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जो नाकाबिले बर्दाश्त है। ऐसे लोगों के अवैध कृत्यों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिसका विरोध अति आवश्यक है। जिले के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी- कर्मचारी वर्ग, सरपंच सचिवों, व्यापारियों से आग्रह है कि अगर कोई भी व्यक्ति आपको पत्रकारिता के नाम पर परेशान करता है, अवैध वसूली करता है या आपको किसी अनैतिक काम के लिए बाध्य करता है तो इसकी शिकायत साक्ष्य के साथ नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर से करें। वहीं पत्रकार बने लोगों से निवेदन है कि अगर कहीं कोई भ्रष्टाचार, अवैध कार्य, घोटाला या फिर जनहित के मामले सामने आएं, तो कृप्या उन्हें अपने संस्थानों में प्रकाशित प्रसारित करें, अमूमन देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचारी व्यक्ति को बचाने कुछ लोग अवैध वसूली कर खुद ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो रहे हैं या उसमें अपनी सहभागिता दे रहे हैं जो पूर्णतः गलत है। यहां तक कुछ तथाकथित व्यक्ति नए लोगों को यह कहकर बढ़ावा दे रहे हैं कि जब अवैध काम करने वाला भ्रष्टाचार कर रहा है तो हम उसमें अपना हिस्सा क्यों न लें, इस तरह की मानसिकता पत्रकारिता के लिए घातक है। अगर कहीं गलत कार्य हो रहा है तो पत्रकार का दायित्व है उसकी खबर बनाये और संस्थान में प्रकाशित प्रसारित करे।

संवाददाता प्रमोद चौरसिया करकबेल

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