मप्र: राज्यपाल के नाम ज्ञापन, सिवनी के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सिवनी जिले के ऐरमा ग्राम में प्रशासन द्वारा सत्ता भाजपा निर्देशित उक्त अवैध अमानवीय कार्यवाही की जांच कराने की मांग

सिवनी 24 मार्च 2022/ भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है तथा हमें विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का गौरव प्राप्त है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात हमारे देश में कानून का राज स्थापित किया गया जिसकी मूल भावना नागरिको के अधिकारों का सम्मान है। विगत कुछ वर्षो से जनता द्वारा चुनी गई सरकारें हमारे संविधान एवं स्वतंत्रता आंदोलन की मूल भावना को विस्मृत कर जनतंत्र के स्थान पर राजतंत्र स्थापित करने में लगी हुई है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह की सरकार कानून की अनदेखी कर निरतंर सत्ता के माध्य से नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रही है जो भारत के लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं है, नागरिकों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील हम सभी अधिवक्तागण एवं जागरूक नागरिक महामहिम का ध्यान आकर्शित कर बताना चाहते है कि हम किसी अपराध अथवा अपराधी का समर्थन नही करते परंतु अपराधियों के बहाने से उनके परिजन को सत्ता निर्देशित प्रशासन के महो मध्य से उत्पीडन का विरोध करते है। महोदय विगत 14-15 वर्षों से सत्तासीन मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में अपराधों में अकुश लगाने में पूर्णतः नाकाम रही है। किया गया एन. सी. आर. बी की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020 में मध्यप्रदेश महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले में तीसरे स्थान पर रहा है तथा महिलाओं के प्रति संवेदनशील बताने वाली इस सरकार के महिला आयोग के समक्ष वर्श 2020 में महिलाओ ने अलग-अलग अपराध से जुड़े 25640 मामले दर्ज कराये परंतु इसके बावजूद जनवरी वर्ष 2019 के बाद महिलाओं की शिकायत सुनने के लिए महिला आयोग की सदस्यों की संयुक्त बेंच आज तक नहीं बैठी है आयोग के समक्ष आजभी लगभग 15 हजार अर्जिया लंबित है प्रदेश की सरकार अपनी इसी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए अपराधियों की आड़ में उनके परिजनों के घरो को बुलडोजर के माध्यम से ध्वस्त करा कर उनके परिजनों को प्रताड़ित करते हुए राजनैतिक शिगूफेबाजी कर रही है। मध्यप्रदेश के रायसेन, जावरा, शहडोल, शिवपुर जिलों में इसी प्रकार की कार्यवाही की गई तथा पिछले दिनों सिवनी जिले के ऐरमा गांव में आरोपी हरीराम वर्मा, राहुल वर्मा, निरपत के परिजनों के घरों को भी आवैधानिक रूप से ध्वस्त करा दिया गया है। अतिक्रमण के नाम पर जिन घरों को मशीनों के माध्यम से ध्वस्त कराया गया उनके विरूद्ध निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किये बिना उक्त कार्यवाही की गई हैं, तथा उक्त आरोपियों के निर्दोश परिजनों को प्रताड़ित किया गया हैं उसकी हम घोर निंदा करते है। महोदय कानून के राज में दंड देना केवल न्यायालय का कार्य है, तथा न्यायालय द्वारा भी विधि की सम्यक प्रक्रिया का पालन कर आरोपियों को दंडित किया जाता हैं, यही हमारे लोकतंत्र, आम आदमी के अधिकारो के प्रति संवेदनशीलता तथा न्यायिक प्रशासन की विलक्षणता एवं विशेशता है तथा निर्वाचित सरकार भी विधि से उपर नहीं है तथा सरकार पर भी विधि के सम्मान का दायित्व है परंतु मध्यप्रदेश सरकार उपरोक्तानुसार तानाशाह के रूप में कार्य कर रही है। अतः हम आप से आग्रह करते है की सिवनी जिले के ऐरमा ग्राम में प्रशासन द्वारा सत्ता निर्देशित उक्त अवैध अमानवीय कार्यवाही की जांच करायी जावे दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावे। ज्ञापन देने वरिष्ठ अधिवक्ता गण-मो.याहया आरिफ कुरैशी, दुर्गा प्रसाद विश्वकर्मा, शाहिद रज़ा,नवेंदु मिश्रा, जफर खान, श्रीमती आरती ऐड़े,मिर्ज़ा फैसल बेग,सुश्री श्वेता कहार,आग़ा सिद्दीकी,सामाजिक कार्यकर्ता-श्री गोविंद श्रीवास, रिषि किशोर कुम्हारे आदि जिला कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित रहे। ब्यूरो रिपोर्ट – संजय विश्वकर्मा सिवनी मध्यप्रदेश मो- 8962645273

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ब्यूरो सिवनी मध्यप्रदेश
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