खाद व बिजली आपूर्ति नहीं होने के लिए शिवराज सरकार जिम्मेदार -भानु प्रताप सिंह राठौड़

नीमच और मंदसौर जिले में बिजली और खाद की परेशानी को लेकर आम किसान परेशान हैं। किसान खाद के लिए भटक रहा है ।वर्तमान में जनप्रतिनिधि और सरकार दोनों निष्क्रिय है। नीमच तहसील में समय पर खाद एवं बिजली दोनों नहीं मिलने के कारण किसानों को मेहनत पर पानी फिर रहा है। फसल खराब होने के डर से किसान दर-दर भटकने को मजबूर हो रहा है। लेकिन किसान की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है ।खाद और बिजली की आपूर्ति के लिए शिवराज सरकार दोषी है और जिम्मेदार है। यदि समय रहते सरकार नहीं जागी तो कांग्रेस आंदोलन को मजबूर होगी। यह आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राठौड़ ने शिवराज सिंह सरकार को चेतावनी देते हुए कही। श्री राठौड़ ने कहा कि अगर किसानों को यह सरकार इसी तरह प्रताड़ित करने से बाज नहीं आई तो कांग्रेस को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।उन्होंने कहा कि किसान शिवराज सरकार की कार्यशैली से पूरी तरह परेशान है और इस नाराजगी का खामियाजा शिवराज सरकार को भुगतना पड़ेगा जिसकी तैयारी किसान कर चुका है।श्री राठौड़ ने कहा कि इस समय रबी की फसलों के लिए किसानों को खाद की महती आवश्यकता है। ऐसे में आज खास को लेकर किसानों के समक्ष ऐसा संकट खड़ा है जो उसे नगद भुगतान की स्थिति में भी सोसाइटी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसानों की पीड़ा बताती है कि किसानों को उनके कृषि खातों पर मिलने वाला खाद तो छोड़ो उनकी समस्या इस कदर बढ़ गई है कि नगद भुगतान करने की खाद नहीं मिलने से परेशान है। ऐसे मैं मजबूरी वस बाजार से येन केन प्रकारेण खाद खरीदने के लिए किसानों को मजबूर होना पड़ रहा है जो उनकी जेब को नुकसान लगा रहा है। युरिया खाद प्रति कट्ठा 80 से ₹100 डीपी खाद कट्टे पर ₹200 से ₹300 ज्यादा भुगतान कर बाजार से खरीदने को मजबूर होना पड़ता है । बाजार से ज्यादा दाम चुकाने के बावजूद भी फास्फोरस राखोडिया खाद भी नकली खरीदना किसानों की मजबूरी हो गई है क्योंकि सोसायटी खाद मंगाती नहीं है।श्री राठौर ने कहा कि अतिवृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई जिसका मुआवजा राशि के लिए किसान सरकार की ओर टकटकी लगाए देख रहा है जबकि फसल बीमा की प्रीमियम पहले ही अनवरत रूप से कटती रहती है।अभी किसानों को खाद की महती आवश्यकता है और खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है ऐसे में किसान परेशान हैं वर्तमान सरकार ने जानबूझकर सोसाइटी से खाद देना बंद कर दिया है ताकि प्राइवेट व्यापारियों से सांठगांठ कर नकली खाद बिक सके किसान मजबूरी में खाद उसी भाव में खरीदना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश को किसान के लिए खेती को लाभ का सौदा बताने का नाटक कर रहे हैं। सरकार प्रशासन के आला अधिकारी खाद वितरण के झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर किसानों और जनता को गुमराह कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ किसानों को बिजली समय पर नहीं मिल रही है इससे किसान परेशान हैं मध्य प्रदेश की सरकार किसानों को समुचित बिजली वितरण के लिए ट्रांसफार्मर की समुचित व्यवस्था करें ताकि किसानों को 24 घंटे बिजली मिल सके।बिजली आपूर्ति के अभाव में किसान समय पर फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहा है। सरकार अपनी घोषणा के अनुरूप ब्याज की राशि जमा कराये। किसान दोषी नहीं रहे। कमलनाथ सरकार ने अपने वादे के मुताबिक ₹50हजार तक की राशि बैंकों में जमा करा दी थी ।यदि उनकी सरकार रहती तो अब तक पूरी दो लाख की राशि किसानों खाते में जमा हो जाती है ।शिवराज सरकार द्वारा राशि जमा नहीं करने कारण किसानों को डिफाल्टर बताकर खाद नहीं दिया जा रहा है।

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