वहशी पति: पत्नी की हथेली और पैर का पंजा काट डाला, बोला-इसी फरसे से पुलिस को भी मारूंगा

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक वहशी बने पति ने अपनी पत्नी पर ऐसा जानवरों से बदत्तर सलूक किया कि जिसे देख हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। आरोपी ने सिर्फ एक शक के चलते फरसे से बीवी को एक हाथ की हथेली और एक पौर का पंजा काट दिया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे तो उन्होंने भयानक सीन देख अपनी आंखे बंद कर लीं।

आधी रात को पति ने की क्रूरता
दरअसल, पत्नी के साथ हैवानों जैसी यह वारदात भोपाल के निशातपुरा थाने इलाके में हुई है। जहां मंगलवार रात करीब 12 बजे प्रीतम सिंह सिसोदिया नाम के युवक ने पत्नी संगीता के साथ यह क्रूरता की। पड़ोसियों की सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं महिला को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पति मजदूर, जबकि पत्नी है सुपरवाइजर
आरोपी प्रीतम सिंह मूल रुप से होशंगाबाद का रहने वाला है, वह निशातपुरा इलाके में किराए के घर में पत्नी और बच्चों के साथ रहता है। परिवार का पेट वह मजदूरी करके करता है। जबकि पत्नी इंदौर की एक फैक्टरी में सुपरवाइजर है। वह महीन में दो तीन बार उससे मिलने के साथ इंदौर से भोपाल आती है। आरोपी शराब पीने का आदि है, वह आए दिन नशे में पत्नी के साथ मारपीट और अभ्रद व्यवहार करता था।

इस वजह से घटना को दिया अंजाम
बता दें कि संगीता घर आने पर वह अक्सर फोन पर बात करती थी। इस बात को लेकर पति गुस्से में रहता था। आरोपी को शक करता था कि कहीं उसका अफेयर चल रहा है। जिसको लेकर वह विवाद करता था। मंगलवार रात वह शराब के नशे में आया और गुस्से में फरसा उठाया और पत्नी के बाएं पैर का पंजा और बाएं हाथ की हथेली काट कर शरीर से अलग कर दी।

कटा पंजा और हथेली लेकर पहुंची पुलिस
हैरानी की बात यह है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद मौके से भागा नहीं। वह कमरे में हाथ में फरसा लेकर खड़ा था, कहता कि पुलिस पकड़ने आई तो उस पर भी इससे हमला करूंगा। हालांकि पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया। वहीं सिपाहियों ने महिला का कटा पंजा और हथेली अस्पताल लेकर पहुंची।

4 डॉक्टरों की टीम ने जोड़ दी हथेली
अच्छी खबर यह है कि हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने सूझबूझ दिखाते हुए रात को ही ऑपरेशन किया। हथेली का री-इंप्लांटेशन कर दिया गया जिसे थैली में लेकर आए थे। इसमें हडि्डयों को तारों से और खून की नशों को जोड़ दिया गया। 4 डॉक्टरों की इस टीम में कार्डियक सर्जन डॉ. सागर, प्लास्टिक सर्जन डॉ. हरी शंकर, ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉ. वैभव जैन और एनेस्थिसिया विभाग के डॉक्टर शामिल थे।

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