गुस्से में कहे गए शब्द आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माने जाएंगे- हाई कोर्ट

जबलपुर – हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि गुस्से में कहे गए शब्द आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माने जाएंगे। जबलपुर हाई कोर्ट जस्टिस अंजली पालो की एकल पीठ ने आदेश में कहा कि गुस्से में कहे गए शब्दों को आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता है। एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता महिला ने सिर्फ धमकी दी थी। अपमानजनक शब्दों का उपयोग नहीं किया था। एकल पीठ ने याचिकाकर्ता महिला के खिलाफ जिला कोर्ट में लंबित मामले को खारिज करने के आदेश दिए हैं।

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