नीमच क्षेत्र में जल संकट को लेकर विधायक श्री परिहार ने विधानसभा में उठाई आवाज

हरवार,मालखेड़ा, चीताखेड़ा, पालसोडा व जीरन के वनांचल क्षेत्र में नए बांध बनाने की मांग की।

नीमच । विधानसभा क्षेत्र नीमच में कम बारिश के चलते किसान एवं आमजन चिंतित है क्योंकि इस बार विगत वर्षों से तुलना में बहुत कम बारिश हुई है जिसके कारण क्षेत्र सूखे की चपेट में है इसी को ध्यान में रखते हुए नीमच क्षेत्र के जागरूक विधायक दिलीप सिंह परिहार द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान जल संकट का मुद्दा उठाया तथा उससे निपटने हेतु प्रयास करने पर जोर दिया। क्षेत्र में विभिन्न बांधो की श्रृंखला तैयार करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभापति महोदय मैं मांग संख्या 16-23 मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विभाग एवं जल संसाधन विभाग के समर्थन में बोलने के लिए खड़ा हुआ हूं हमारी सरकार लगातार जल क्षेत्र को बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील है और मुझे याद है जब मैं 2003 में आया था तब नीमच मंदसौर जिले में पानी का कहीं ना कहीं संकट था यहां संसाधन विभाग के अथक प्रयत्नों की वजह से मालवा का जलस्तर बढ़ा है । उसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी और हमारे विभागीय मंत्री जी तुलसीराम जी सिलावट को बधाई देता हूं कि आप लगातार जल संरचनाएं बना रहे हैं। मुझे याद है कांग्रेस के समय में जो सिंचाई होती थी चाहे राजा हो या नवाब सब मिलकर 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी वह अभी बढ़कर 41लाख हेक्टेयर हुई और आपने 65 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा है । मैं इसके लिए आपको बधाई देता हूं उन्होंने कहा की, मान्यवर मुख्यमंत्री जी द्वारा जगह-जगह जल अभिषेक के कार्यक्रम किए और इसकी वजह से जल संरचनाएं बड़ी है। मुझे याद है कि जब मान्यवर अनूप मिश्रा जी जल संसाधन मंत्री थे उन्होंने मेरे यहां 2-2 डेम दिए थे गाडगिल सागर और अटल सरोवर उसके बाद में जयंत मलैया जी के द्वारा भी दो डैम खुमान सिंह शिवाजी और हम हमेरिया डैम की सौगात दी इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं , मगर आप से यह निवेदन करूंगा कि आप हमें और भी बांध दें, क्योंकि जनता को आपसे बड़ी अपेक्षाएं है। आपने इस बजट में मेरी विधानसभा नीमच क्षेत्र को कुछ नहीं दिया है हमारा यह जो चंबल है उस चंबल का पानी ठेठ कोटा तक जा रहा है उस पानी में हमारे कई लोगों की खेती डूबी है चंबल का पानी आप जिस प्रकार गरोठ और शामगढ़ ले गए हैं यदि नीमच जिले में आएगा तो हमारे नीमच के किसानों को लाभ होगा । जायका के माध्यम से यह योजना भी बनी है जिसमें रामपुरा मनासा है मगर उस योजना में यदि नीमच को शामिल कर लेंगे तो हमारे नीमच से किसान आपको दुआएं देंगे। हम देखते हैं कि, नीमच में हमेशा पीने के पानी की दिक्कत आती रही है और गांधी सागर से यदि पेयजल हेतु पानी हमारे नीमच जिले में आता है तो नीमच में पौने दो लाख की आबादी है, यह जिला स्थान है जँहा हमेशा जल संकट रहता है । “कृति और अनेक सामाजिक संगठनों ने भी समय-समय पर मांग की है। यदि गांधी सागर का पानी आप नीमच तक पहुंचाएंगे जोकि जायका के माध्यम से योजना बनी है उस योजना को यदि आप कार्यरूप देंगे तो हमारे क्षेत्र में जो पानी का संकट है वह हमेशा के लिए दूर हो जाएगा । उन्होंने कहा सभापति महोदय मैं आपसे एक निवेदन करना चाहता हूं कि कहीं ना कहीं आप ने बजट में जो 6064 करोड रुपए थे उसको बढ़ाकर 6436 करोड रुपए किया है मैं उसके लिए आपको धन्यवाद देता हूं । हम सब यही चाहते हैं कि जो हमारे बांध बने हैं उन बांधों के अलावा पानी तो हमें प्रकृति देती है और उस पानी को हम रोक भी सकते है । मगर जो हमारा खुमान सिंह शिवाजी बांध बना उस समय हमारे जनपद अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष और मैं स्वयं भी था जब उस समय पानी के लिए आंदोलन किया गया तब हमारे किसान वहां पानी चाहते थे उस समय आपके विभाग के कर्मचारियों ने हमारे कार्यकर्ताओं के ऊपर केस लगाए थे वह केस आप कृपा करके उठा ले क्योंकि पानी पर तो सबका अधिकार है यदि किसान पानी के लिए अपनी जमीन को सिंचित करने के लिए कोई आंदोलन कर रहा है और यदि उसके ऊपर केस लगा जाते हैं तो वह अनुचित है । मान्यवर में मुख्यमंत्री जी ने भी मुझे आश्वासन दिया था कि यह केस उठा लिए जाएंगे तो मान्यवर तुलसी सिलावट जी से मैं निवेदन करता हूं कि, इस पर भी आप विचार कर लें। उन्होंने कहा कि सभापति महोदय लघु सिंचाई योजनाओं में 303 काम चल रहे हैं अटल भूजल योजना के स्तर को लगातार वर्ष 2020 में भी आपने बढ़ाने का काम किया है । मेरे क्षेत्र की छोटी-छोटी मांगे हैं मैं आपके समक्ष रख देता हूं, मैं आपसे यह निवेदन करूंगा कि मेरी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 229 नीमच में जो हरवार तालाब नवीन है जिसकी परियोजना लागत 1125.33 लाख रुपए है यह छोटी सी योजना है इसकी डीपीआर भी तैयार हो गई है और विभाग के पोर्टल पर डली हुई है हमारे हरवार के किसान बहुत लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं, मैं हमेशा इस बात को लगातार विधानसभा में उठाने का भी काम करता आ रहा हूं यदि यह आ गया तो मेरा आपसे निवेदन है कि कम से कम एक छोटा सा डैम हमारे हरवार क्षेत्र को भी दे दें ,क्योंकि जीरन तहसील स्थान है वहां के किसान लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं एक और तालाब है पालसोडा, जेतपुरा- खुमान सिंह शिवाजी वहां के विधायक रहे हैं वहां की जनता व किसानों की एक मांग है उनमें 980 लाख रुपए का एक छोटा सा डैम है यदि छोटे-छोटे डैम बनेगे तो पानी का संचाय होगा और हमारे क्षेत्र के लोग आपको बहुत दुआएं देंगे।
उन्होंने कहा कि, पानी का संचय हमारा काम है एक छोटा सा डैम चीता खेड़ा क्षेत्र में भी हो यह हमेशा वंचित क्षेत्र रहा है यह वनांचल है जो लोग वनांचल में रहते हैं उन लोगों की भी एक मांग है कि, रामनगर तालाब इसकी साद्यता की रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होना है इसकी वास्तविक लागत 12 करोड़ 21 लाख रुपये है यह आपके पास प्रस्तावित है यदि आपको इसमें छोटा-मोटा मुआवजा देना हो तो वह मुआवजा भी आप दे सकते हैं । इसके अलावा कुछ छोटे-छोटे पुराने अंग्रेजों के समय का मालखेड़ा में भी 1 बांध बना हुआ है उसकी नहरों को उसकी लाइनिंग के पक्कीकरण के लिए मैंने आपका आवेदन पत्र भी दिया है यदि यह काम भी पूरा हो जाएगा तो छोटे छोटे किसानों को उसका बहुत लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि हम सब लोग जानते हैं कि पानी की बहुत कीमत है पंडित अटल बिहारी वाजपेई जी कहते थे कि अगला युद्ध पानी के लिए होगा, हम इसे बचाये।

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