दमोह उपचुनाव में हार का खामियाजा कलेक्टर, एसपी को उठाना पड़ा!आख़िर ये क्या इशारा है..?

कांग्रेस का तंज- हार की सजा कलेक्टर को क्यों?

राज्य सरकार ने दमोह, रतलाम और गुना के कलेक्टरों को बदल दिया है। गुना के कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को रतलाम जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि रतलाम कलेक्टर गोपाल चंद्र डांड को मंत्रालय में अपर सचिव बनाया गया है। उप चुनाव होने के बाद कलेक्टर तरुण राठी को हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया गया है। वहां उपचुनाव में भाजपा की हार हुई थी। प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर तंज कसा। उसने पोस्ट की है कि दमोह उपचुनाव बीजेपी हारी, लेकिन सजा कलेक्टर को दी गई। आख़िर ये क्या इशारा है..?

इधर, सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक बालाघाट में अपर कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए को गुना का कलेक्टर बनाया गया है। जबकि जबलपुर में अपर कलेक्टर अनूप कुमार सिंह को दमोह का कलेक्टर बनाया गया है। जबकि इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त एस कृष्ण चौतन्य को दमोह का कलेक्टर बनाया गया है। इससे पहले जबलपुर में अपर कलेक्टर अनूप कुमार को दमोह की कमान सौंपी गई थी, लेकिन 3 घंटे बाद ही आदेश संशोधित करते हुए चैतन्य को दमोह कलेक्टर बनाए जाने का अलग से आदेश जारी किया गया।
सरकार ने देर शाम दमोह के एसपी की रवानगी पीएचक्यू में करने के आदेश जारी कर दिए। पुलिस मुख्यालय में में सहायक पुलिस महानिरीक्षक पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर रतलाम में 24वीं वटालियन में कमांडेंट बीआर तेनीवार को दमोह की कमान सौंपी गई है।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि दमोह कलेक्टर तरुण राठी को उप चुनाव में बीजेपी को मिली हार का खामियाजा उठाना पड़ा है! रतलाम कलेक्टर गोपाल चंद्र डांड को हटाने के पीछे कोरोना संक्रमण का बढ़ना बताया गया है। यहां पिछले छह दिन में ढ़ाई हजार से ज्यादा संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 25 मरीजों की मौत भी हुई है।

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