जून में बन सकते हैं, पाबंदियों के साथ मंडी खुलने के आसार, डेढ़ माह से मंडी बंद, मजदूर वर्ग पर छाया रोजी-रोटी का संकट

नीमच कोरोना महामारी के कारण पिछले डेढ़ माह से कृषि उपज मंडी बंद है, इतने लंबे समय से मंडी बंद होने के कारण मजदूर वर्ग पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, इधर किसान परेशान हैं उपज घर में पड़ी है लेकिन बेच नहीं पा रहे हैं हालांकि यह बात भी सामने आई है कि 1 जून के बाद पूर्णा कर्फ्यू में प्रशासन राहत देना शुरू करेंगे इसी में कुछ पाबंदियों के साथ मंडी खोलने के भी आसार बने रहे हैं।

किसान और मजदूर वर्ग को मंडी खोलने का इंतजार
मंडी में कार्यरत मजदूर वर्ग के साथ ही किसान भी मंडी खोलने का बेबसी से इंतजार कर रहा है हालांकि अधिकांश किसान समर्थन मूल्य पर अपनी गेहूं की उपज सरकार को बेच चुके हैं लेकिन अन्य उपज तो किसान के घरों पर ही पड़ी है, ऐसे में मंडी चालू होने पर कृषको की फसल की खरीदी प्रारंभ हो जाएगी और बाजार अर्थव्यवस्था को थोड़ी राहत मिलेगी।

सरकार और व्यापार को भारी नुकसान
कोरोना संक्रमित के कारण लंबे समय से मंडी बंद है इसका असर सरकार पर भी पड़ रहा है मंडी से मिलने वाला मंडी टैक्स बंद हो गया है इधर से व्यापार को भी भारी नुकसान हो रहा है ,हालातों के मद्देनजर मंडी बोर्ड एवं मंडी सचिव से मंडी खोलने की संभावनाओं के मद्देनजर देना जानकारी ले चुके हैं अब स्थानीय हालातों को देखते हुए कैसे और किस व्यवस्था के तहत मंडी को आराम करेंगे ।

Leave a Reply