Big News : कांग्रेस नेता मधु बंसल ने बीजेपी पर साधा निशाना, बोली कमलनाथ जी को राष्ट्र द्रोही कहने के पहले भाजपा अपने गिरेबान में झांके, देखें और पढ़े खबर…

नीमच। कोरोना काल में राजनीति पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ नहीं कर रहे हैं। राजनीति तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराजसिंह चौहान कर रहे हैं, जिन्हें पूर्व में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना की दूसरी लहर के बारे में सचेत कर दिया था, लेकिन न तो देश में केंद्र सरकार ने कोई ध्यान दिया और न ही मप्र में भाजपा की शिवराज सरकार ने। हालात यह है कि कोरोना में लोगों को उचित उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाई और कईयों को अपनी जान गवाना पड़ी, इसका जिम्मेदार कौन है….? और अब कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े भी छुपाए जा रहे हैं श्रीमती बंसल ने कहा कि प्रदेश और देश में भाजपा दलगत राजनीति कर रही हैऔर अभिव्यक्ति की आजादी पर बंदिश लगाई जा रही है। अगर कोई सरकार के खिलाफ बोलता है या फिर सरकार की कारगुजारियों को उजागर करता है, उसके खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज कराए जा रहे हैं। श्रीमती बंसल ने कहा कि इसका सीधा उदाहरण पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ है, जिन्होंने शिवराज सरकार को प्रदेश की व्यवस्थाओं का आईना दिखाया तो भाजपा बोखला गई और  विरोध में पुलिस प्रकरण दर्ज किए साथ ही उन्हें राष्ट्र द्रोही भी कहा जबकि वास्तव मैं राष्ट्रद्रोह ही तो भाजपा की सरकार और इनके नेता है जिनके कारण जिले में अब तक स्वास्थ्य व्यवस्था सुधर नहीं पाई है  चिकित्सालय मैं डॉक्टर और स्टाफ का अभाव बना हुआ है दवाइयों की कमी चल रही है पिछले दिनों ऑक्सीजन की किल्लत ने मौत का ऐसा तांडव मचाया की पूरा प्रदेश कांप उठा  श्रीमती बंसल ने कहा कि देश में किसी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। भाजपा चाहती है कि देश और प्रदेश से विपक्ष खत्म हो जाए ताकि पीएम मोदी और सीएम शिवराज हिटलरशाही कर सके। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम कमलनाथ सीएम शिवराज को आईना दिखाया था कि कोरोना काल में प्रदेश में एक लाख से अधिक मौते हुई। यह उन्होंने गलत नहीं कहा है अगर बात नीमच जिले की करें तो 500 से अधिक लोगों ने कोरोना काल में दम तोड़ा है, लेकिन उनकी मौते कोरोना में नहीं जोड़ी गई है। आखिर क्यों छुपाए जा रहे हैं मौतों के आंकड़े….? अनुग्रह राशि देने के नाम पर ढकोसला- श्रीमती बंसल ने आरोप लगाया कि सीएम शिवराजसिंह चौहान दिखावे की राजनीति कर रहे हैं। पहले कहा था कि जो कोरोना काल में जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है, उन्हें पेशन दी जाएगी और भरण-पोषण की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी, लेकिन विडंबना देखिए कि वह मामला भी जिले में फेल हो गया। यह नीमच की स्थिति न होकर पूरे प्रदेश की है। निराश्रित के 192 के आंकड़ा सिर्फ 2-3 पर सिमिट कर रह गया है। यही हाल अनुग्रह राशि का कोरोना की पहली और दूसरी लहर में 84 लोगों के मरने की बात की जा रही है, जबकि वास्तविकता में कोरोना की दूसरी लहर में ही करीब 500 लोग मर चुके हैं, जिसमें से 450 लोगों का तो कोविड प्रोटोकाल से अंतिम संस्कार किया गया। क्या मरने वाले सभी संदिग्ध थे और संदिग्ध थे तो उनका कोविड उपचार क्यों किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुग्रह राशि देने की योजना भी ढकोसला साबित हो रही  है! भाजपा की सरकार घोषणा करने की बजाय धरातल पर काम करें

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