Big News : मध्यप्रदेश में तीन हजार जूनियर डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी, हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं पढ़िए पूरी खबर…

भोपाल। मध्यप्रदेश के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल असंवैधानिक घोषित होने के बाद इस्तीफे की झड़ी लग गई है। गुरुवार देर रात तक करीब तीन हजार से अधिक स्टूडेंट्स इस्तीफा अपने डीन को सौंप चुके थे। सरकार की ओर से नामांकन रद्द करने की कार्रवाई के विरोध में भी यह इस्तीफे दिए गए हैं। जूनियर डॉक्टर शुक्रवार को अब सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा- जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल असंवैधानिक जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद मीणा ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने केवल आश्वासन दिया था, उनकी मांगे नहीं मानी है। ऐसे में हमारे पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं था। दवा और संसाधन नहीं होने पर भी जूडा ने मरीजों का इलाज किया। मीणा का कहना है कि गांधी मेडिकल कालेज भोपाल के जूडा अध्यक्ष हरीश पाठक के परिजनों को पुलिस लगातार परेशान कर रही है। नामांकन रद्द किए जा रहे हैं। यह सरकार के दबाव में हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट जाएंगे जूडा मीणा ने कहा कि जूनियर डाक्टर्स अब सरकार से नाराज हैं। बार-बार आश्वासन देकर सरकार मुकर रही है। हमने अपनी बात कोर्ट को बताई थी। जहां तक ब्लैक मेलिंग का आरोप है, यह सरासर गलत है। ब्लैकमेल तब होता, जब कोरोना पीक पर था। आज स्थिति सामान्य हो गई है। लॉकडाउन खुल रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक वे सुप्रीम कोर्ट जाने वाले हैं। पीजी के छात्रों के नामांकन रद्द जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध पांच मेडिकल कॉलेजों में पीजी के फाइनल ईयर के 468 छात्रों को बर्खास्त (नामांकन रद्द) कर दिया गया है। इनमें भोपाल गांधी मेडिकल कालेज के 95, एमजीएम इंदौर के 92, गजराराजा कालेज ग्वालियर के 71, नेताजी सुभाष चंद्र बोस कालेज जबलपुर के 37 और श्यामशाह कालेज रीवा के 173 छात्र शामिल हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेज : पीजी छात्र (नामांकन निरस्त) जबलपुर : 37 भोपाल : 95 इंदौर : 94 रीवा : 173 ग्वालियर : 71 लागू है एस्मा ये कार्रवाई चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुशंसा पर की गई है। विभाग की ओर विवि को जारी किए गए पत्र में बताया गया है कि प्रदेश में एस्मा लागू है। पीजी छात्रों की सेवाएं अत्यावश्यक सेवा के अंतर्गत आती है। वे एस्मा के तहत अपनी सेवा देने से इनकार नहीं कर सकते है। 330 जूनियर डॉक्टर्स ने दिया सामूहिक इस्तीफा ग्वालियर से खबर है कि 330 जूनियर डॉक्टर्स ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के 330 जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा प्रभारी डीन डॉ. समीर गुप्ता से मिलने के बाद दिया। इस संबंध में जूडा अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि सरकार से हमारी जायज मांगे हैं। हम चाहते है कि मुख्यमंत्री हमारी बात सुनें। 400 जूनियर डॉक्टरों का सामूहिक इस्तीफा जबलपुर से खबर है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के चार सौ जूनियर डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया। जूडॉ के ओपीडी, वार्ड और कोविड ड्यूटी तक बंद करने से मरीजों की जांच और उपचार में परेशानी आ रही है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्य विभाग के 14 डॉक्टर बुलाए गए है। जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा – असंवैधानिक है हड़ताल इससे पहले गुरुवार को जब जूनियर डाक्टरों की हड़ताल का मामला कोर्ट गया तो हाईकोर्ट ने इस हड़ताल को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह वक्त ब्लेकमेलिंग का नहीं है। कोर्ट ने जूनियर डाक्टरों से 24 घंटे में काम पर लौटने को भी कहा। सरकार की ओर से जूनियर डाक्टरों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए गए थे।

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