जावरा में सामने आया दुष्कर्म और ब्लेकमिलिंग का हाई प्रोफ़ाइल

इंदौर से शुरू हुई कहानी बड़े अपराध में बदल गई, तन्त्र-मंत्र के चक्कर में परिजनों को भी उलझाया

पहले लड़की से दोस्ती, फिर नशा देकर दुष्कर्म और बाद में ब्लेकमेलिंग से ऐंठ लिया करोड़ों का माल

      जिले के जावरा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म और ब्लेकमिलिंग का हाई प्रोफ़ाइल मामला सामने आया है, जिसमे करोड़ो रूपए की वसूली की गई, मामला उजागर होने के बाद हर कोई दंग है। जावरा/बड़ावदा के एक युवक ने जावरा के एक व्यापारी की बेटी के आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी देकर न सिर्फ गलत काम, बल्कि दो वर्ष में उससे करीब एक करोड़ 35 लाख रुपए, साढ़े 3 किलो सोना और 15 किलो चांदी की ज्वेलरी भी हथिया ली। इस काम में पूरी एक गैंग होने की आशंका है। वही पुलिस पूरे मामले की तहक़ीकात में जुटी हुई है।

जावरा थाने पर पहुँची पीड़िता 

      दुष्कर्म और ब्लेकमिलिंग की शिकार युवती ने शहर पुलिस को लिखित शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता के आवेदन पर आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ धारा 376, 450, 385 व 506 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की है। 

      25 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि, वह एमबीए की पढ़ाई के लिए इंदौर गई थी। वहां निशित उर्फ मयूर पिता डॉ. प्रदीप बाफना नाम के शख्स ने उससे पास के क़स्बे बड़ावदा का होने का बताकर परिचय किया बाद में फिर दोस्ती की गई। मार्च 2019 में निशित ने घर में युवती को अकेला पाकर कोल्ड्रिंग्स में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिसके बाद आपत्तिजनक फोटो ले लिए। फिर इन फ़ोटो, वीडियो के ज़रिए लड़की को धमकाया और दुष्कर्म भी किया गया, इसके बाद लगातार ब्लैकमेल गया। साथ ही वीडियो व फ़ोटो वायरल करने की धमकी देते हुए रुपयों की माँग करने लगा, जिससे बदनामी के डर से लड़की ने घर की तिजोरी में रखे रुपए और पुस्तैनी आभूषण उसे देना शुरू कर दिया। रुपए और आभूषण निशित और उसके दोस्तों ने मिलकर लिए। कई बार फोन-पे से तथा अन्य माध्यम से उसके एक्सिस बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में लाखों रुपए जमा भी करवाए। 

घरवालों से सच छिपाने, निशित ने रची तंत्रक्रिया और देवता आने की साज़िश 

      लड़की के परिजन बेटी के भरोसे और अंधविश्वास में आ गए तथा तिजोरी में रुपए व ज्वेलरी, दोस्त व रिश्तेदारों से भी लाकर रखते गए। जाल ऐसा बुना गया कि, आसानी से घरवाले भी झाँसे में आते गए और निशित द्वारा लूटकांड जारी रखा गया। जब बात की पोल खुलने लगी तो दोस्तों, रिश्तेदारों ने गहने व रुपए वापस माँगे और इधर लड़की के भाई को भी व्यापार के लिए रुपयों की जरुरत पड़ने लगी। तब लड़की के पिता-भाई ने तिजोरी खोली तो हैरान रह गए, तिजोरी में रखा माल ग़ायब था। ऐसे में परेशान होते हुए मामला पुलिस को बताया गया, पुलिस द्वारा जाँच और लड़की से पूछताछ की गई। लड़की आरोपी युवक और उसके साथियों की गैंग से इतनी डरी हुई थी कि, परिजनों और पुलिस को उसकी हौसलाफजाई करना पड़ी तब यह सच सामने आया। पिछले दिनों यह बात पुलिस तक पहुँचने के बाद शहर की चर्चा में आ गई। ऐसे में लोगों में परिजनों और लड़की के प्रति सहानुभूति के साथ ही आरोपी युवक के प्रति आक्रोश भी नज़र आया। चूँकि मामला बड़ी साज़िश का था और बदनामी के डर से कही लड़की या परिजन कुछ कर न ले, इसलिए क़रीब एक पखवाड़े तक हर पहलू पर काम किया गया और जाँच-पड़ताल करने के बाद अब मयूर बाफ़ना के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया। 

      बताया जा रहा है कि, इस कांड में निशित का साथ जिन लोगों ने दिया, पुलिस उनकी कुंडली भी खंगालने में जुट गई है। इस बीच पुलिस तक मयूर बाफ़ना की अय्याशियों के कच्चे चिट्ठों का फीडबैक भी पहुँचने लगा है। 

क्रिकेट सट्टे और वायदा बाजार से जुड़ा हो सकता है मामला 

      जानकारी अनुसार आरोपी युवक क्रिकेट सट्टे और वायदा बाजार में लिप्त था और योजनाबद्ध तरीके से पूरे अपराध को अंजाम दिया गया है। मामला हाई प्रोफाइल है और मामले में जेवर की बड़ी लेन-देन व्यापारियों और युवक के परिवार के साथ होने की जानकारी भी आ सकती है। 

      पुलिस का भी कहना है कि, जांच के बाद आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। चर्चाओं की माने तो कई बड़े व्यापारीयो के नाम इस मामले में जुड़ सकते हैं। पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी द्वारा खुद इस मामले में रुचि ले रहे हैं। अगर मामले में सही जांच हुई तो तय है सट्टे से जुड़े कई बड़े नाम सलाखों के पीछे जा सकते हैं।

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