केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ धक्का-मुक्की और गाड़ी पर कीचड़ फेंकने के बाद हटाए गए श्योपुर कलेक्टर और एसपी, पढ़िए पूरी खबर…

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ शनिवार को श्योपुर मैं हुई धक्का-मुक्की और उनकी गाड़ी पर कीचड़ फेंकने की घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने श्योपुर के कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव और एसपी संपत उपाध्याय को हटा दिया है। श्योपुर के एडीएम और सीएमओ को भी इसी कड़ी में हटाया गया है‌।

शनिवार को जब श्री तोमर श्योपुर में अतिवृष्टि के कारण बिगड़े हालात का जायजा लेने वहां पहुंचे तो मुख्य बाजार में आक्रोशित लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उनकी गाड़ी पर कीचड़ भी फेंक लिया। इन लोगों का कहना था कि स्थानीय प्रशासन में भारी वर्षा के बाद जो स्थिति निर्मित हुई है उससे हालाकान जनता को राहत दिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की न। न प्रभावितों के रहने की कोई व्यवस्था की गई ना उनके भोजन की। यहां लोगों को ना पेयजल मिल पा रहा है न ही भारी वर्षा के कारण कस्बे में जो गंदगी हुई है उससे निजात।

परेशान लोग 2 दिन पहले कलेक्टर और एसपी के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए बिफर पड़े थे और हालात ऐसे बने थे कि दोनों अफसरों को वहां से भागना पड़ा था। आक्रोशित लोगों ने कलेक्टर की गाड़ी में तोड़फोड़ भी कर‌ दी थी। शनिवार की घटना के बाद उच्च स्तर पर यह माना गया कि अधिकारियों की लापरवाही का नुकसान जनप्रतिनिधियों को उठाना पड़ रहा है और इसी कारण केंद्रीय मंत्री के साथ यह घटना घटी। इसी के बाद सरकार ने कलेक्टर और एसपी को हटाने का निर्णय ले लिया।

रविवार को जारी आदेश के मुताबिक ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त शिवम वर्मा को नया कलेक्टर बनाया गया है जबकि पुलिस मुख्यालय में एआईजी अनुराग सुजानिया नए एसपी होंगे‌। सुजानिया पहले मुरैना एसपी भी रह चुके हैं। हटाए गए कलेक्टर और एसपी को भोपाल मंत्रालय और पीएचयू में पदस्थ किया गया है। सरकार ने श्योपुर में सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए नगरी प्रशासन आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव को भेजा है और उन्हीं की देखरेख में अब राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं। नगर की साफ सफाई के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है और गली मोहल्लों में जमा कीचड़ को हटाने के लिए मशीनें लगाई गई है। ‌‌

प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है और उनके भोजन का बंदोबस्त प्रशासन द्वारा किया गया है। ‌ जब तक यहां व्यवस्थाएं पर नहीं जाती है तब तक यह लोग राहत शिविर में ही रहेंगे।

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