यूरिया खाद की सोसायटी खाली ओर सेठ साहूकार की दुकाने भरी बडते दाम पर यूरिया खरीदने पर मजबूर बेचारे गरीब किसान,खाद की किल्लत , कालाबाजारी भी बढ़ रही पचास से अस्सी रुपए प्रति बेग पर वसूले जा रहे हैं

बंशीदास बैरागी खास रिपोर्ट

मंदसौर जिले में मल्हारगढ़ तहसील ,दलौदा खाद की किल्लत के चलते कालाबाजारी आवक नहीं हो रही है । निजी व सरकारी स्तर का खेल शुरु हो गया है । शासन द्वारा यूरिया के प्रति पर वितरित होने के लिए जिले में इस साल बैग 267 रुपये निर्धारित है , लेकिन सरकारी स्तर पर कुल 29 हजार मीट्रिक टन यूरिया का लक्ष्य यूरिया की किल्लत के कारण किसानों को समय पर नहीं निर्धारित किया गया था , लेकिन सीजन के दो मिल पा रहा है । इसके कारण किसानों को मजबूरन माह से अधिक समय बाद भी अब तक लक्ष्य बाजार से महंगे दामों में यूरिया खरीदना पड़ रहा है । का करीब 60 प्रतिशत यूरिया भी जिले में नहीं किसानों के अनुसार बाजार में 320 से 350 रुपये तक आया है । यूरिया की किल्लत के बीच निजी में यूरिया बैग मिल रहा है । जिले में कुल 29 हजार क्षेत्र में कालाबाजारी बढ़ रही है , लेकिन कृषि मीट्रिक टन यूरिया खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया विभाग के अफसर इस दिशा में अब तक एक है , लेकिन जिले में अब तक 17 हजार मीट्रिक खाद भी कार्रवाई नहीं कर पाए हैं , पिछले दिनों की आवक हो पाई है । कई सोसायटियों में 15-20 दलौदा और फिर नगरी में कालाबाजारी खाद नहीं मिलने से मजबूरन बाजार से खाद खरीद रहे दिनों से खाद नहीं है । प्रशासन की टीम ने पकड़ी है । इसके बावजूद किसानों को खाद के निर्धारित से अधिक दाम चुकाना खरीफ सीजन की फसलों की बोवनी के बाद से ही कालाबाजारी नहीं थम रही है । अभी जिले की लगभग पड़ रहे हैं । यूरिया के 45 किलो बैग के दाम 267 रुपये जिले में किसान यूरिया खाद के लिए परेशान हो रहे हैं , सभी सोसायटियों में यूरिया खाद की किल्लत है । निर्धारित हैं , लेकिन कालाबाजारी में दाम 350 रुपये लेकिन जिले में किसानों की मांग के अनुसार खाद की किसान रोजाना चक्कर लगा रहे हैं । सरकारी स्तर पर तक पहुंच गए हैं ।

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