Lakhimpur Kheri: अब तक 8 किसानों की मौत के बाद बवाल, कई होगी राजनीति

लखीमपुर खीरी में दोपहर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे की गाड़ी से 8 किसानों के मारे जाने के बाद हुए बवाल के बाद किसान उग्र हो गए।

Lakhimpur Kheri

लखीमपुर खीरी में दोपहर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे की गाड़ी से 8 किसानों के मारे जाने के बाद हुए बवाल के बाद किसान उग्र हो गए। किसान नेता राकेश टिकैत ने मोर्चा संभाल लिया है। समाजवादी नेता अखिलेश यादव भी कल घटनास्थल पर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी के भी वहां पहुंचने की जानकारी है। जबकि, अजय मिश्र ने अपनी सफाई दी कि घटना में उनके बेटे की कोई भूमिका नहीं है। गाड़ी पर पत्थर लगने से गाड़ी अनियंत्रित हुई और आंदोलनकारी किसानों पर चढ़ गई।

किसान नेता गुरमीत सिंह रंधावा का कहना है कि जब तक प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर नहीं आते हैं, तब तक किसान घटनास्थल पर बने रहेंगे। सभी किसान इस वक्त कौड़ियाला रोड पर स्थित महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज खेल मैदान में डटे हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जिले में पहुंचने के दौरान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे के बीच तिकुनिया कस्बे में हिंसक टकराव हो गया। किसानों का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री के बेटे ने उन पर कार चढ़ा दी। इससे कई किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से चार की मौत हो गई। गुस्साए किसानों ने मंत्री के बेटे के काफिले में दो गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। पिटाई से चालक की मौत हो गई। मंत्री के बेटे ने खेतों में भागकर अपनी जान बचाई।

इसके बाद किसानों ने काफिले की दोनों गाड़ियों पर धावा बोल दिया और गाड़ी में मौजूद सभी लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष ने खेतों में घुसकर जान बचाई। वहीं आशीष के चालक हरिओम को किसानों ने घेर लिया और जमकर मारपीट की।

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले एक सप्ताह से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का भी विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन को लेकर गलत टिप्पणी की थी। इसी वजह से किसान उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए खीरी के पास के ही कस्बे तिकुनिया में हेलीपैड के पास इकट्ठे हुए थे। विरोध की आशंका को देखते हुए उप-मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से न आकर सड़क मार्ग से खीरी पहुंचे।

उन्होंने दोपहर करीब 12 बजे विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव बनवीरपुर में एक दंगल का उद्घाटन करने जाना था। रास्ते में तिकुनिया में ही लखीमपुर और आसपास के जिलों के किसान विरोध करने के लिए भारी संख्या इकट्ठा हो गए। इस वजह से उप-मुख्यमंत्री का रूट डायवर्ट कर दिया गया लेकिन केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र अपने काफिले के साथ तिकुनिया के मार्ग से ही गुजरे।

बवाल की सूचना पर लखनऊ से कमिश्नर और आईजी रेंज मौके पर पहुंचे। किसान नेता राकेश टिकैत के दिल्ली से कूच करने की सूचना के बाद किसानों ने कस्बे के इंटर कॉलेज में मृत किसानों के शव रखकर धरना शुरू कर दिया। वहीं केंद्रीय मंत्री का कहना है कि हंगामे के दौरान चालक को पत्थर लगने से गाड़ी अनियंत्रित होकर किसानों पर चढ़ने से हादसा हुआ।

तिकुनिया विद्युत उपकेंद्र के पास इकट्ठे हुए किसानों और आशीष मिश्र के बीच झड़प हो गई। किसानों नेताओं का आरोप है कि इसी दौरान आशीष ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। इस दौरान घायल हुए किसानों में से गुरविंदर सिंह निवासी नानपारा (बहराइच) के गांव मोहनिया, दलजीत सिंह नानपारा के ही गांव बंजारा टांडा और खीरी की पलिया तहसील के गांव चौगड़ा फार्म निवासी 25 वर्षीय लवप्रीत सिंह की मौत हो गई।

हंगामे की सूचना पाते ही उप-मुख्यमंत्री मौर्य बनवीरपुर गांव के बीच रास्ते ही लौटकर बेलरायां में गेस्ट हाउस पहुंच गए। शासन ने पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को मौके पर भेज दिया। इसी बीच गाजीपुर (दिल्ली) की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत ने लखीमपुर कूच की घोषणा कर दी।

इसके बाद किसानों ने तिकुनिया के अग्रसेन इंटर कॉलेज में इकट्ठा होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो किसानों के शव के साथ देर शाम तक डटे रहे। किसानों ने केंद्रीय मंत्री के बेटे पर हत्या का मुकदमा दर्ज गिरफ्तारी की मांग रख दी।

मेरे बेटा शामिल नहीं 
लखीमपुर खीरी की घटना पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ने सफाई देते हुए बताया कि इस घटना में मेरा बेटा शामिल नहीं है। मेरे पास इस बात को साबित करने के लिए वीडियो सबूत के तौर पर मौजूद है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस हिंसक झड़प में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं समेत मेरे ड्राइवर को असामाजिक तत्वों ने पीट पीटकर मार डाला।

कृषि कानूनों का विरोध 
किसानों का आरोप है कि वह कृषि कानूनों के खिलाफ और गृह राज्य मंत्री की किसानों के प्रति की गई टिप्पणी से आहत थे। इसके विरोध में उन्होने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करना तय किया था। इसलिए वह तिकुनिया कस्बे से थोड़ी दूर विद्युत उपकेंद्र के आगे बैरियर के पास खड़े थे, लेकिन उन्हें सूचना मिली थी कि सांसद के गांव बनवीरपुर जाने के लिए डिप्टी सीएम का मार्ग बदल गया है।

किसानों के आरोप
खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू दो गाड़ियों से उसी रास्ते से निकले तो, किसानों ने उनकी गाड़ी को रोककर विरोध करने की कोशिश की। किसानों का आरोप है कि इस बीच सांसद पुत्र के ड्राइवर ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे कई किसान घायल हो गए। बाद में चार किसानों की मौत हो गई। एक मृतक किसान गुरविंदर सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह बहराइच के मोहनिया गांव और दलजीत सिंह बंजारा टांडा गांव का रहने वाला था। वहीं, बजिंदर सिंह ग्राम बैरिया थाना निघासन गंभीर रूप से घायल हैं।

किसान खेल मैदान में डटे
किसानों के रौंदे जाने पर भीड़ भड़क गए और उन्होंने मंत्री पुत्र की गाड़ी पर हमला कर किया और आरोपी ड्राइवर हरिओम की पिटाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि भीड़ की पिटाई में ड्राइवर की मौत हो गई है। इस दौरान सांसद पुत्र भाग निकले। बाद में किसानों ने सांसद पुत्र की दोनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। किसान नेता गुरमीत सिंह रंधावा का कहना है कि जब तक प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर नहीं आते हैं, तब तक किसान घटनास्थल पर बने रहेंगे। सभी किसान इस वक्त कौड़ियाला रोड पर स्थित महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज खेल मैदान में डटे हुए हैं।

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