कौन करेगा कार्यवाही ,जब नपा प्रशासक ही गंभीर नही तो , चलेगी सीएमओ की मनमर्जी ,आज से प्रशासक कैसी कार्यवाही करेंगे या फिर वही ,,,,,?

बोलती खबर ,चर्चा है

जी एस परिहार…..

नीमच :- नीमच एक कहावत हैं कि जो बेल मालिक के खूंटे से बंधा रहता है वह मालिक की हर बात मानता है पर जो बेल बाजार में घूमता है जिसका मालिक होते हुवे भी कोई नही है वह मन मर्जी का मालिक है वह किसी की नही सुनता अपनी मर्जी का काम करता है उस बैल को बांधना बहुत मुस्किल है वह मन मोजी हो जाता है उसे सब पता रहता हैं कि चारा पानी कहा मिलेगा

पहले कर्मचारी पर मेहरबान

जानकारी के अनुसार पूर्व व वर्तमाम सीएमओ अपने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ( जिसको दलाल या दल्ले के नाम से भी जानते हैं ) उस पर इतने मेहर बान है कि वह अगर महू रोड पर तीन मंजिला बिल्डिंग बिना अनुमति के बना ले और शिकायत के बाद भी कार्यवाही नही ओर आज तक कार्यवाही नही पर मेहर बानी जो हैं साहब कि साहब छोटा हो या बड़ा पर मेहर बानी तो है पर उसका अतिक्रमण किसी को नही दिखता पर गोल चौराहे पर एक होटल का अतिक्रमण सब को दिख गया जिसमें नीमच के टीआई पुलिस बल ,तहसीलदार, सीएमओ बल सहित पहुच गए अतिक्रमण को हटाने, और तो और सेवानिवृत्त कर्मचारी की बिल्डिंग खड़ी है जो अवैध व बिना अनुमति की कार्यवाही कब और कौन करेगा ? ये देखना है ओर सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह सेवानिवृत्त कर्मचारी को तीन फाइल गायब करने पर सूचना पत्र भी दिया पर आज तक तीन फाइल नामान्तरण की गायब है, ओर कहा है कोई जानता ही नही ? जाच भी बैठी पर सब उसको बचाने में लगे हैं

अब मेहरबानी दुकान कब्जा धारी पर

जानकारी के अनुसार जब कोई शासकीय सम्पति को विक्रय कर दे तो अपराधिक मुकदमा दर्ज होता है पर जब छोटे साहब व बड़े साहब का ही आशीर्वाद रूपी प्रसाद हो तो कार्यवाही कौन करेगा ? जी हां सच कह रहे हैं नगर पालिका परिषद के स्वामित्व की दुकान हेडगेवार बस स्टैंड की कोई विक्रय करदे ओर किराया भी वसूले ओर अपराधिक मुकदमा दर्ज नही हो तो बडी विडंबना है जब मामले का खुलासा होने लगे व शिकायत होने पर मामला टीएल में चल रहा हो निराकरण नही फिर भी वर्तमान सीएमओ ने दुकान की विज्ञप्ति निकाल दी पर दुकान खाली करवाने की कार्यवाही नही करी जब विज्ञप्ति पर आपत्ति व शिकायत नगर पालिका प्रशासक को करे व उनके निर्देश पर परियोजना अधिकारी पत्र क्रमांक 2112 /डूडा/ शिकायत नीमच दिनांक 10/09/2021 व पत्र क्रमांक 2168/ डूडा/2021 दिनांक 15/09/ 2021 को सीएमओ को लिखे स्पस्ट लिखे की कुछ अंश पत्र के दबंगो के राज में नगर पालिका परिषद व जिला प्रशासन है यह कि प्रार्थी की आपत्ति है पहले दुकान खाली करवाई जावे फिर बोली लगाई जावे अतः निविदा विज्ञप्ति निरस्त कर कलेक्टर महोदय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जावे पर विडंबना यह पत्र की पत्र किसने लिखा किसके निर्देश पर लिखा किसी ने ध्यान नही दिया व डाल दिया डंडे बस्ते में पर जब वर्तमाम सीएमओ से शिकायत कर्ता ने चर्चा की तो पता चला कि मेरे पास तो ऐसा कोई पत्र नही आया तब कुछ कर्मचारी से पूछा तो कहा कि पत्र आये हैं तो सीएमओ बोले इसका जवाब बनाओ मतलब 25 दिन तक कलेक्टर के निर्देश डूडा अधिकारी के पत्र पर कोई कार्यवाही नही पत्र धूल खा रहा था? व फाइल में दबा दिया कौन कौन कर्मचारी है जिसने यह पत्र दबाया आज ऐसे कर्मचारी ही अवैध कब्जा धारी का पक्ष क्यों कर रहे हैं जब बागड़ ही खावे खेत तो रक्षा कौन करे जब पत्र के बारे में सीएमओ को नही बताया वो तो दोषी है व नियम अनुसार कार्यवाही भी होनी चाहिए पर विडंबना की इस मामले को सीएमओ ने गंभीरता से नही लिया जिसका फायदा पत्र दबाने वाले कर्मचारी को मिल गया व दिनांक 05/10/21 तक तो जवाब नही दिया मतलब साफ है कि सीएमओ ओर कर्मचारी की मिली भगत हैं नही तो सीएमओ को कहना था कि इतने दिन से पत्र क्यो नही बताया में कार्यवाही करता करता हूं और कारण बताओ सूचना पत्र जारी करना था पर कर्मचारी को भी मालूम है सीएमओ साहब इसमे कितनी चाल चल रहे हैं जो खुद दोषी हो ? वह किसी और पर कार्यवाही कैसे करेगा पर इसमे नगर पालिका प्रशासक का दोषी नही है क्या वे इस पर कार्यवाही करेंगे की दिनांक 10/09/21 व दिनांक ,,, का जवाब आज तक क्यो नही दिया कौन कर्मचारी ने पत्र को दबाया उस पर कार्यवाही होगी पत्र दबाने पर सीएमओ ने कार्यवाही नही की नगर पालिका प्रशासक आज इस पर कोई कार्यवाही करंगे या फिर ,,,?

हो सकती है हाई कोर्ट में चुनोती

जानकारी के अनुसार अगर नगर पालिका प्रशासक नीमच ने इस मामले को गंभीरता से नही लिया तो मामला जा सकता है हाईकोर्ट

अब देखना है आज से नगर पालिका प्रशासक इस गम्भीर मामलो को कितनी गम्भीरता से लेते हैं ?

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