Breaking news:-निम्बाहेड़ा बस स्टैंड क्षेत्र में खुलेआम चल रहा जुए सट्टे का अवैध कारोबार

क्या कुछ पुलिसकर्मियों मिलिभगत से सटोरियों के हौसले हुए बुलंद.?

मंत्री आंजना के प्रयास लाने लगे रंग, जमीन सिमटने लगी तो अपना अस्तिव बचाने को लेकर बस स्टैंड क्षेत्र में सक्रिय हुए आधा दर्जन से ज्यादा सटोरिये..

निम्बाहेड़
नगर के बस स्टैंड क्षेत्र सहित कई जगह जुए-सट्टे का अवैध कारोबार खूब फल फूल रहा है। जिसके चलते इस धंधे में युवा पीड़ी की सक्रियता बढ़ती जा रही है। सीधे एक से दस करने के चक्कर में युवा पीढ़ी इस ओर आकर्षित हो रही है। बात की जाए अगर सिर्फ बस स्टैंड क्षेत्र की तो इस क्षेत्र में कई जगह सटोरिये खुलेआम सट्टे की पर्चियां काटते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। और अगर बात करें निम्बाहेड़ा पुलिस की तो शायद वो बस स्टेण्ड क्षेत्र में चल रहे सट्टे के कारोबार से बेखबर है.? सूत्रों से मिली जानकारी में पता चला है कि बस स्टेण्ड क्षेत्र में खुलेआम संचालित हो रहे सट्टे को लेकर कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की पूरी तरह संदिग्ध हैं.? तो ऐसे में क्या यह समझा जाए कि निम्बाहेड़ा के कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से नगर के सटोरिये धड़ल्ले से अवैध जुए सट्टे कारोबार को बिना किसी खोफ के धड़ल्ले से अंजाम दे रहे हैं.? अब ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि नगर के मुख्य बस स्टेण्ड परिसर में बिना किसी के सहयोग सट्टे की पर्चियां काटना इन सटोरियों के बस की बात नहीं.? तो आखिर फिर क्यों इन सटोरियों के हौसलें इतने बुलंद हें यह बात समझ से परे है। नगर के लोकप्रिय विधायक एवं राज्य के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना द्वारा जो कड़ा रुख नगर के सटोरियों के खिलाफ बीते कुछ सालों में रखा गया उसका असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। मंत्री आंजना द्वारा जुए-सट्टे के अवैध कारोबार करने वालों खिलाफ बरते गए सख्त रवैये की वजह से कोतवाली पुलिस द्वारा नगर को सट्टा मुक्त बनाने के लिए कई बड़ी कार्यवाही सटोरियों के खिलाफ अमल में लाई गई है। जिसके चलते कई सटोरिये पैदल हो चुके है। पूर्व के कुछ साल पहले नगर में कुकरमुत्ते की तरह जगह-जगह चलने वाली कई सट्टे की दुकानें अब बंद हो चुकी है और अब अपना अस्तित्व बचाने के लिए कुछ सटोरिये संजीवनी की तलाश में बस स्टैंड परिसर में सट्टे की पर्चियां कटवाकर एक के दस करने के चक्कर में लगे हुए हैं। लेकिन शायद अब नगर के सटोरियों के लिए अपना अस्तित्व बचाए रखना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण यह है की के बस स्टेण्ड क्षेत्र में नगर के आधा दर्जन से ज्यादा सटोरिये सट्टे की पर्चियाँ कटवाकर अपना अस्तित्व बचाने की गर्ज से चोरी-छिपे जुए-सट्टे के अवैध कार्य को संचालित करने में लगे हुए हैं। क्योंकि अगर देखा। जाए तो मंत्री आंजना के कार्यकाल में इनकी जमीन दिनों दिन सिमटती जा रही है। स्थानिय पुलिस के आला अधिकारियों को चाहिए कि युवा पीढ़ी के भविष्य को ध्यान ने रखते हुए ऐसे सटोरियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लाए ताकि इन सटोरियों का उचित इलाज हो सके। साथ ही ऐसे संदिग्ध कार्यप्रणाली वाले पुलिसकर्मियों की भी जानकारी जुटाना चाहिए जो कि आमजन की परवाह किए बगैर सिर्फ अपनी जेब गर्म करने के चक्कर में ऐसी अवैध गतिविधियों को संचालित करने में इन सटोरियों की मदद कर रहे है.? फिलहाल स्थानिय पुलिस प्रशासन से यही निवेदन है कि तुरंत इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सटोरियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लाकर आमजन को राहत प्रदान करे.।

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